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लालू यादव एवं आरके राणा को 5-5 साल, जगन्नाथ मिश्र और जगदीश शर्मा को 4-4 साल की सजा


चारा घोटाले के एक मामले में जहां आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को आपराधिक साजिश का दोषी करार देते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने 5 साल की कैद और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं पूर्व विधायक आर. के. राणा को पांच साल कैद और 30 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। 
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और जेडी (यू) के सांसद जगदीश शर्मा को चार साल की सजा सुनाई गई है। जगन्नाथ मिश्र पर 2 लाख रुपये और जगदीश शर्मा पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगा है।
दो साल से अधिक की सजा पाने की वजह से लालू यादव और जगदीश शर्मा की संसद की सदस्यता रद्द हो जाएगी और ये दोनों जेल से रिहा होने के बाद अगले छह साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। ऐसा हाल में आए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की वजह से होगा। जगदीश शर्मा बिहार के जहानाबाद से और लालू यादव सारण से सांसद हैं। लालू को हुई सजा के बाद पार्टी के बारे में आगे की रणनीति बनाने के लिए 6 अक्टूबर को आरजेडी की बैठक बुलाई गई है।
स्पीडी ट्रायल देने के वास्ते रांची में बनाए गए विडियो कॉन्फ्रेंसिंग ई-कोर्ट रूम में आज सजा पर बहस हुई। विडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिये सुनाई गई सजा में राजनीतिज्ञों और पूर्व नौकरशाहों को कैद की सजा के साथ ही जुर्माने के तौर पर भारी राशि अदा करने का भी आदेश दिया गया। नेताओं के बजाय नौकरशाहों पर ज्यादा जुर्माना लगाया गया। लालू समेत ज्यादातर आरोपियों ने बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में लगे विडियो स्क्रीन पर ही कोर्ट की कार्यवाही देखी। सजा सुनने के बाद लालू ने कहा, 'मुझे शक था कि यही सजा मिलेगी।' इस पर अदालत ने लालू यादव से कहा कि वह हाई कोर्ट जा सकते हैं।

इससे पहले सजा पर बहस के दौरान लालू के वकील सुरेंद्र सिंह ने सीबीआई की विशेष अदालत से अपने मुवक्किल की बीमारी और उम्र का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने की अपील की। वकील ने लालू के रेल मंत्री रहते हुए उनके द्वारा रेलवे को घाटे से उबारने की दलील भी दी, जबकि सीबीआई के वकील ने दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग करते हुए कहा कि इससे भ्रष्टाचार करने वालों को सबक मिलेगी।
इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 30 सितंबर को सभी 45 आरोपियों को दोषी ठहराया था। इन लोगों ने चाईबासा ट्रेजरी से 37.70 करोड़ रुपये अवैध रूप से निकाले थे। विशेष जज प्रवास कुमार सिंह ने 8 दोषियों को उसी दिन तीन-तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी और 50 हजार से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया था। इन आठ लोगों में दो नेता ध्रुव भगत और बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, एक आईएएस अधिकारी और पांच सप्लायर शामिल थे। आज जिन लोगों को सजा सुनाई गई है उनमें लालू यादव, जगन्नाथ मिश्र, जगदीश शर्मा और आर. के. राणा के अलावा तीन आईएएस अधिकारी, एक आईआरएस अधिकारी, पशुपालन विभाग के आठ अधिकारी, एक कोषागार पदाधिकारी और 20 सप्लायर शामिल हैं।
मुश्किल यह है कि लालू प्रसाद यादव और दूसरे आरोपियों को फैसले के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट में अपील करने के लिए दशहरे की छुट्टी से पहले सिर्फ एक दिन का समय ही मिलेगा। पांच अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक दशहरे की छुट्टी होने के कारण लालू के वकीलों के पास अपील दाखिल करने के लिए 4 अक्टूबर का ही समय होगा। अगर अपील दाखिल कर भी दी गई तो उस पर सुनवाई छुट्टी से पहले संभव नहीं है। लालू के वकीलों में शामिल चितरंजन प्रसाद सिन्हा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्होंने अपील दशहरे की छुट्टी के बाद ही फाइल करने का मन बनाया है।