ताजा समाचार :

6/Posts/ticker posts

सोलर लाइटें लगाने पर लगी रोक हटी


बिहार सरकार ने सरकारी योजनाओं के तहत सोलर लाइटें लगाने पर लगी रोक हटा ली है। यद्यपि सोलर लाइटें लगाने के लिए सरकार ने कुछ शर्तें निर्धारित की हैं। आपूर्तिकर्ताओं की जिम्मेदारियां व दायित्व भी बढ़ा दिए हैं। लिहाजा पंचायत की योजनाओं से वैकल्पिक ऊर्जा के स्त्रोत अब बढ़ेंगे। गौरतलब है कि सरकार ने विगत छह मई को सोलर लाइटें लगाने पर रोक लगाई थी।
पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ वर्मा ने नए आदेश से डीएम व डीडीसी को अवगत करा दिया है। सोलर लाइटें पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि (बीआरजीएफ) और चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की निधि से जिला परिषद, पंचायत समिति और पंचायत की योजनाओं से लगाई जाती हैं। बिजली की बाधित आपूर्ति और गांवों में तार व पोल नहीं रहने के कारण अब सोलर लाइटों का महत्व बढ़ गया है। विभाग ने कहा है कि सोलर लाइटें ब्रेडा या बेल्ट्रॉन के मानकों पर ही लगाई जा सकती हैं। सोलर लाइटें सार्वजनिक स्थलों, तिराहे व चौराहों पर लगाई जाएंगी।
अब नकली माल नहीं चलेगा
सभी जिलों के डीएम से कहा गया है कि कंपनी का प्रतीक चिह्न उंत्पादों पर 'इमबॉस' किए हुए होने चाहिए। अच्छी कंपनियों के नाम पर नकली माल नहीं चलेगा। नकली माल की आपूर्ति होने पर सुल्तानगंज, बिहपुर, खरीक प्रखंडों में जनप्रतिनिधियों व पंचायत सचिवों पर मुकदमा हो चुका है। आपूर्तिकर्ता को निर्देश दिया गया है कि अधिष्ठापन स्थल तक ढुलाई का खर्च अलग से नहीं लिया जाएगा। प्रशिक्षित तकनीशियन के माध्यम से ही इन्हें लगाया जाएगा। बैटरी की वारंटी पांच वर्ष तथा एसपीवी पैनल की वारंटी 25 वर्ष होनी चाहिए।
प्रखंड विकास पदाधिकारी से नीचे के अधिकारी नहीं करेंगे जांच
सभी डीएम से कहा गया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर किसी भी शिकायत की जांच प्रखंड विकास पदाधिकारी से नीचे के अधिकारी से नहीं कराई जाएगी। प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर बीडीओ इस मामले को एसडीओ व डीपीआरओ के संज्ञान में लाएंगे।