रेल घूसकांड में एक बड़ा खुलासा हुआ है। डीएनए अखबार ने इस बात का खुलासा
किया है कि रेलवे से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के दौरान नियमों की
खुलकर धज्जियां उड़ाई गई। जिन नियमों का इस दौरान
पालन किया जाना चाहिए था उन्हें ताक पर रख दिया गया।
डीएनए अखबार के मुताबिक सिर्फ 9 दिन में 269 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। यह मंजूरी महेश कुमार ने रेलवे बोर्ड के मेंबर बनने और घूसकांड में हुई अपनी गिरफ्तारी के बीच दी। वेस्टर्न रेलवे की मंजूरी बिना किसी स्क्रूटनी के ही महेश कुमार ने दे दी।
गौर हो कि सीबीआई ने इस मामले में अबतक सिंगला और महेश कुमार सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। महेश कुमार को बोर्ड से निलम्बित कर दिया गया है।
पालन किया जाना चाहिए था उन्हें ताक पर रख दिया गया।
डीएनए अखबार के मुताबिक सिर्फ 9 दिन में 269 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। यह मंजूरी महेश कुमार ने रेलवे बोर्ड के मेंबर बनने और घूसकांड में हुई अपनी गिरफ्तारी के बीच दी। वेस्टर्न रेलवे की मंजूरी बिना किसी स्क्रूटनी के ही महेश कुमार ने दे दी।
गौर हो कि सीबीआई ने इस मामले में अबतक सिंगला और महेश कुमार सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। महेश कुमार को बोर्ड से निलम्बित कर दिया गया है।
