नवगछिया की एक अदालत ने गुरुवार को चार अभियुक्तों को सश्रम कारावास एवं अर्थ दंड की सजा सुनाई है | ये सभी अभियुक्त खरीक थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरहर गाँव के हैं | जिन पर राहजनी, मारपीट कर रुपये छीनने का आरोप था |
यह सजा नवगछिया स्थित अभिजीत कुमार प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने सुनाई है | जिसमें सहायक अभियोजन पदाधिकारी राम चन्द्र ठाकुर ने यह सजा दिलाने में मुख्य भूमिका अदा की | मामला खरीक थाना कांड संख्या 24/09 का है | जिसे सूचक प्रमोद साह ने शंभू पोद्दार, दीपक पोद्दार, सुनील पोद्दारेवम विकास पोद्दार के खिलाफ भादवि की धारा 341, 323, 504, 379 व 34 के तहत दर्ज कराया था | जिसमें सूचक अपनी और बच्चे के साथ भागलपुर जा रहा था | इसी बीच रास्ते में चार लोगों द्वारा चोरहर के समीप बंधटुट्टा पूल के पास रोक कर मारपीट, गाली गलौज करते हुए पाँच हजार रुपये भी छीन लिए थे |
सहायक अबभियोजन पदाधिकारी श्री ठाकुर ने बताया कि अदालत ने धारा 341/34 के तहत एक माह का कारावास, धारा 323/34 के तहत एक वर्ष का कारावास, 379/34 के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5000 रुपये का अर्थ दंड एवं 504/34 के तहत 2 वर्ष का कारावास की सजा सुनायी है | अर्थदण्ड की राशि मामले के सूचक प्रमोद साह को मिलेगी | अर्थदण्ड की राशि नहीं देने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास कि सजा मिलेगी |
अदालत के इस फैसले के साथ साथ एक निर्णय यह भी है कि सिर्फ शंभू पोद्दार कि सजा अलग अलग चलेगी | वहीं अन्य दोषियों की सजा एक साथ चलेगी | इससे पहले भी ये चारो अभियुय्क्त इसी न्यायालय से जीआर केस नंबर 128/07 में सजा याफ़्ता थे |
यह सजा नवगछिया स्थित अभिजीत कुमार प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने सुनाई है | जिसमें सहायक अभियोजन पदाधिकारी राम चन्द्र ठाकुर ने यह सजा दिलाने में मुख्य भूमिका अदा की | मामला खरीक थाना कांड संख्या 24/09 का है | जिसे सूचक प्रमोद साह ने शंभू पोद्दार, दीपक पोद्दार, सुनील पोद्दारेवम विकास पोद्दार के खिलाफ भादवि की धारा 341, 323, 504, 379 व 34 के तहत दर्ज कराया था | जिसमें सूचक अपनी और बच्चे के साथ भागलपुर जा रहा था | इसी बीच रास्ते में चार लोगों द्वारा चोरहर के समीप बंधटुट्टा पूल के पास रोक कर मारपीट, गाली गलौज करते हुए पाँच हजार रुपये भी छीन लिए थे |
सहायक अबभियोजन पदाधिकारी श्री ठाकुर ने बताया कि अदालत ने धारा 341/34 के तहत एक माह का कारावास, धारा 323/34 के तहत एक वर्ष का कारावास, 379/34 के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5000 रुपये का अर्थ दंड एवं 504/34 के तहत 2 वर्ष का कारावास की सजा सुनायी है | अर्थदण्ड की राशि मामले के सूचक प्रमोद साह को मिलेगी | अर्थदण्ड की राशि नहीं देने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास कि सजा मिलेगी |
अदालत के इस फैसले के साथ साथ एक निर्णय यह भी है कि सिर्फ शंभू पोद्दार कि सजा अलग अलग चलेगी | वहीं अन्य दोषियों की सजा एक साथ चलेगी | इससे पहले भी ये चारो अभियुय्क्त इसी न्यायालय से जीआर केस नंबर 128/07 में सजा याफ़्ता थे |
