राजस्थान में उदयपुर
सिटी से चित्तौड़ रेल खंड में पड़ने वाले 32 रेल फाटकों के पास अंडरपास
बनाने की प्रक्रिया अगले माह से शुरू होगी। सभी अंडर पास निर्माण पर 40
करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
रेलवे के सेक्शन इंजीनियर सी.एल.मेघवाल ने बताया कि प्रत्येक अंडरपास
के निर्माण की लागत 1 करोड़ से अधिक आएगी। मेघवाल ने बताया कि इस सेक्शन
में चलने वाली प्रमुख ट्रेनों का संचालन इसी ट्रैक पर होने से अंडर पास
निर्माण के दौरान लंबे समय तक रेल यातायात संचालन (ब्लॉक) नहीं लिया जा
सकता है।
लिहाजा पांच-छह अंडर के ग्रुप बनाकर निविदाएं जारी की जाएंगी। एक
ठेकेदार को छह से अधिक अंडर पास निर्माण के कार्यादेश नहीं दिए जाएंगे।
अंडर पास निर्माण के दौरान ट्रैक के नीचे आधुनिक सपोर्टिग तकनीक का
इस्तेमाल किया जाएगा जिससे काम के दौरान ऊपर से गुजरने वाली ट्रेनें धीमी
गति से निकाली जा सकेंगी। उदयपुर सिटी से हिम्मत नगर सेक्शन में अंडर पास
बनाने का काम रेलवे का निर्माण खंड करेगा।
अब तक कई हादसे हो चुके हैं
बीते सालों में उदयपुर क्षेत्र में मानव रहित रेल समपार पर सबसे बड़ा
हादसा मावली-बड़ी सादड़ी रेल खंड में स्थित खेरोदा स्टेशन के पास हुआ था।
ग्रामीणों से लदा एक मिनी ट्रक लोकल ट्रेन की चपेट में आ गया था। हादसे में
32 जानें गई थीं। दो वर्ष पूर्व खेमली-भीमल स्टेशनों के बीच मानव रहित रेल
समपार पर एक जिप्सी ग्वालियर एक्सप्रेस की चपेट में आ गई थी। हादसे में
नाना-दोहिते की मृत्यु हो गई थी।