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इलाहाबाद हादसे की जिम्मेदारी से सबने झाड़ा पल्ला

महाकुंभ के मौके पर मौनी अमावस्या के स्नान से लौटी श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के 24 घंटे बाद ही हालात में खास सुधार नहीं आया। स्टेशन और इलाहाबाद शहर में लाखों लोग अपने गंतव्य स्थलों की ओर जाने के लिए अभी भी फंसे हुए हैं।
मृतकों के परिजन अंतिम संस्कार के लिए जूझते रहे और घायलों की देखरेख में लापरवाही की शिकायत बरकरार रही। इन्हीं हालात में हादसे के 14 घंटे बाद घायलों को देखने पहुंचे इलाहाबाद के मंडलायुक्त के साथ परिजनों ने धक्कामुक्की कर दी। हादसे की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है।
कुंभ मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष पद से नगर विकास मंत्री आजम खां ने यह कहते हुए सोमवार को इस्तीफा दे दिया कि स्टेशन पर हुए हादसे के लिए उत्तर प्रदेश सरकार जिम्मेदार नहीं है लेकिन वह नैतिक आधार पर पद छोड़ रहे हैं। उधर व्यवस्था संभालने के लिए भेजे गए मंत्री बलराम यादव अव्यवस्था संबंधी मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दे पाए। तब मुख्य सचिव ने जैसे-तैसे स्थिति संभाली। इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर 36 लोगों के मरने की घटना से कोई सबक लेने को तैयार नहीं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष की देखरेख वाली जांच समिति गठित की है लेकिन वह हादसे के लिए किसी भी सूरत में खुद को जिम्मेदार नहीं मान रही। जबकि रेल मंत्रालय हर उस वजह को खारिज कर रहा है जिसके चलते माना जा रहा है कि हादसा हुआ। रेल मंत्री पवन बंसल दबी जुबान में यह तो मान रहे हैं कि तीन करोड़ लोगों के जमावड़े के मद्देनजर रेलवे के इंतजाम नाकाफी थे    |