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प्रीतम हत्याकांड : अभी और हो सकते हैं खुलासे - रेल आईजी

पत्रकारों से बात करते रेल आईजी विनय कुमार एवं अन्य अधिकारी
नवगछिया में हुए बहुचर्चित प्रीतम हत्याकांड मामले में अभी और भी कई खुलासे हो सकते हैं | जो चल रही जांच तथा जेल में बंद जीतन मंडल एवं अन्य के बयान पर भी निर्भर है | इस सिलसिले में जल्द ही जीतन को रिमांड पर लेने की कोशिश की जायेगी | इसके लिए आदेश दिया जा चुका है | अभी तक मात्र
चार लोगों का ही पोलिग्राफी टेस्ट हो पाया है | होने वाले खुलासे के आधार पर और भी लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है |
ये जानकारी रेल आईजी विनय कुमार ने गुरुवार को नवगछिया एसपी के निवास पर पत्रकारों को देते हुए बताया कि
इस ब्लैंक मर्डर केस की जांच बिल्कुल सही दिशा में चल रही है | जिसका कोई भी प्रारम्भिक साक्ष्य अथवा आधार नहीं था | जिसकी जांच मोबाइल काल के आधार पर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से की जा रही है | जिसमें पुराने तरीकों की तरह से किसी भी आरोपी या अपराधी से जबरन कोई बात नहीं कहलायी जा सकती है | इतना तो तय हो चुका है कि प्रीतम हत्याकांड में शामिल लोग काफी शातिर हैं |
रेल आईजी श्री कुमार ने मोबाइल काल डिटेल दिखाते हुए पत्रकारों को यह भी बताया कि इस मामले में गिरफ्तार जीतन मंडल ने अपने मोबाइल से 11 जुलाई से 16 जुलाई के बीच कोई काल नहीं किया है | जबकि इसके द्वारा रोजाना अच्छी संख्या में काल किये जाते रहे हैं | साथ ही 11 जुलाई की अंतिम बात अपने बोलेरों मालिक चंदेश्वरी सिंह से किया है और 16 जुलाई का पहला काल भी चंदेश्वरी सिंह को ही किया है | इसके अलावा गिरफ्तार नेपाली सिंह से पूछताछ एवं जांच के दौरान इस मामले में चंदेश्वरी सिंह की बोलेरों का उपयोग होने की बात सामने आयी है, जिसे जब्त कर लिया गया है और जांच जारी है |
इसके अलावा रेल आईजी ने यह भी दिखाया कि गिरफ्तार चन्दन के मोबाइल से सभी  का संपर्क हुआ है | साथ ही यह भी बताया कि चन्दन द्वारा उपयोग किया जा रहा मोबाइल सिम नेपाली सिंह की पत्नी के नाम से है | जिसे इस दौरान लगभग पचास मोबाइल सेटों में बदल बदल कर उपयोग किया गया है | इस सिलसिले में अंतिम गिरफ्तार सुदीश सिंह ने घटना के समय से अपने मोबाइल द्वारा नेपाली सिंह से मिनट मिनट में दर्जन भर बात की है |
इन सबसे अलग रेल के अवैध भेंडरों के ठेकेदार विजय मंडल की गिरफ्तारी के सिलसिले में बताया कि उसे नवगछिया रेल स्टेशन पर होने वाली हर गतिविधि की पूरी जानकारी होने के बावजूद मामले को छुपाया है | यहाँ तक कि पूछताछ करने पर भी जानकारी से इंकार किया था | साथ ही राम कृष्ण सिंह के बारे में बताया कि उसके वकील द्वारा पोलिग्राफी टेस्ट कराने से इंकार किया गया है |