लगातार तीसरी बार गुजरात का 'सरदार' बनकर नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने एक बार
फिर यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ बातों में ही नहीं, वोट हासिल करने के
मामले में भी अपने प्रतिद्वंदियों से कहीं आगे हैं.गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को लगभग दो तिहाई सीट पर जीत
दिलाकर मोदी ज्योति बसु, शीला दीक्षित और तरुण गोगई जैसे मुख्यमंत्रियों के लीग में शामिल हो गए हैं जिन्होंने 3 या ज्यादा बार अपने-अपने राज्य की कमान संभाली.
मोदी की इस जीत ने गुजरात से ज्यादा बीजेपी और 2014 लोकसभा चुनावों के मद्देनजर केंद्रीय सत्ता के राजनीतिक समीकरण बदल डाले हैं.
चुनाव से पहले ऐसे माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी को अपनी दावेदारी पेश करने के लिए बडी़ जीत की दरकार होगी. और अगर ऐसा होता है तो पार्टी के अंदर भी उन्हें पार्टी का चेहरा बनाने की मांगे तेज हो जाएंगी. जिसके संकेत अभी से ही मिलने लगे हैं.