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गुजरात और हिमाचल के नतीजे से चढ़ा देश में सियासी पारा

मोदी बोले, गुजरात की 6 करोड़ जनता हीरो
गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव  के नतीजे आते ही देश में सियासी पारा चढ़ गया है। नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार गुजरात के सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है और बीजेपी राज्‍य में लगातार पांचवी बार सत्‍ता में आई है।

जीत के बाद बीजेपी के कार्यालय पहुंचे मोदी ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, 'गुजरात के करोडो़ं भाई और बहनों का धन्यवाद। गुजरात चुनाव ने सिद्ध कर दिया है कि इस देश की जनता और इस देश के मतदाता, क्या अच्छा औऱ क्या बुरा है, यह भली भांति समझता है। और जब उसे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना होता है तो वह ऊंची सोच के साथ भविष्य को नजर में रखकर अपना फैसला सुनाता है।
गुजरात के नतीजों ने यह सिद्ध कर दिया कि लोकतंत्र की इस लंबी प्रक्रिया के दौरान गुजरात का मतदाता कितना मैच्योर हुआ है। सारे लोभ लालच, भांति-भांति के जहर से ऊपर उठकर वोट दिया। मतदाताओं ने सोचा कि अगर गुजरात का भला होगा तो मेरा भी भला होगा। देश के पॉलिटिकल पंडितों को समझना होगा कि देश ने 80 के दशक के जातिवादी जहर को देखा और महसूस किया है।
गुजरात के मतदाता यहां कभी भी 80 के दशक का हाल दोबारा नहीं चाहते। गुजरात के मतदाता जातिवाद, क्षेत्रवाद से ऊपर उठ चुके हैं। आने वाली पीढ़ी के बारे में लोग सोच रहे हैं।'  
 नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन से पहले ट्वीट किया, 'जनता की सेवा करने का मौका देने के लिए गुजरात की 6 करोड़ जनता और भगवान का धन्यवाद। उन सबका शुक्रिया जिन्होंने वोट दिया और जिन्होंने नहीं दिया उनका वोट पाने के लिए कड़ी मेहनत करूंगा।'
 इससे पहले तमिलनाडु की सीएम जयललिता और बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने नरेंद्र मोदी को जीत पर बधाई दी है। मोदी ने अपने राजनीतिक विरोधी केशुभाई पटेल से मुलाकात की और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद केशुभाई पटेल ने कहा,  'मैंने मोदी को बधाई दी और हम दोनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई।  2007 में मैंने मोदी को फोन किया था कि बधाई देने कहां आऊं? तो मोदी ने मुझे बताया था कि बधाई लेने वे खुद आएंगे।' 
हिमाचल में पांच साल बाद कांग्रेस की वापसी हो रही है। यहां बीजेपी ने अपनी हार स्‍वीकार कर ली है। लेकिन, हिमाचल में सीएम की कुर्सी को लेकर कांग्रेस के भीतर घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी विरेंद्र कुमार ने कहा है कि वीरभद्र सिंह सीएम पद के अकेले दावेदार नहीं है। अगर वे अकेले ही दावेदार होते तो दि‍ल्ली में विधायक दल की बैठक नहीं बुलाई जाती। मीडिया की ओर से पूछ गए सवाल के जवाब देते हुए उन्‍होंने कहा कि विधायक दल की बैठक में जो भी फैसला किया जाएगा उसे कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी के पास भेज दिया जाएगा। अंतिम मुहर सोनिया गांधी ही लगाएंगी कि हिमाचल का मुख्‍यमंत्री कौन होगा। उधर, सीएम की कुर्सी को लेकर जोड़ तोड़ और लॉबिंग शुरू हो गई है।