साल में सिर्फ छह सस्ते एलपीजी सिलेंडर देने के फैसले
के भारी विरोध के बीच देश की केंद्र सरकार उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत देने पर विचार कर रही है। सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बढ़ाकर साल में आठ या दस कर सकती है।
के भारी विरोध के बीच देश की केंद्र सरकार उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत देने पर विचार कर रही है। सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बढ़ाकर साल में आठ या दस कर सकती है।सस्ते सिलेंडर घटाने के फैसले का विरोध विपक्षी दलों के अलावा सरकार के सहयोगी तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और एनसीपी भी कर रहे हैं। कांग्रेस का एक तबका भी सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने की वकालत कर रहा है। गुजरात और हिमाचल में नवंबर में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में कांग्रेस को आशंका है कि रसोई गैस की आग चुनाव में उसका हाथ जला सकती है।
इसलिए, वह चाहती है कि सब्सिडी सिलेंडरों की संख्या में इजाफा किया जाए। पेट्रोलियम पदार्थों पर सब्सिडी कम करने के लिए गठित भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदन निलेकणि की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 80% एलपीजी उपभोक्ता साल में दस या उससे कम सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं।
इसलिए, वह चाहती है कि सब्सिडी सिलेंडरों की संख्या में इजाफा किया जाए। पेट्रोलियम पदार्थों पर सब्सिडी कम करने के लिए गठित भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदन निलेकणि की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 80% एलपीजी उपभोक्ता साल में दस या उससे कम सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं।