तत्काल टिकट में दलालों के बढ़ते खेल की शिकायतों से आजिज आकर
रेलवे ने अहम कदम उठाया है। रेल मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि अगली 10 जुलाई से तत्काल आरक्षण का टिकट सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक ही बिकेगा और इस दौरान अधिकृत एजेंटों को तत्काल का टिकट नही बेचा जाएगा।
यह फैसला सभी रेलवे जोन में आम सहमति बनने पर रेलवे ने किया है। रेलवे ने ऐसा कदम इसलिए उठाया है कि दलाल या इसके एजेंट रात से ही रेलवे आरक्षण केंद्रों के काउंटर पर कब्जा न कर सकें। इसके साथ ही आरक्षण केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि दलालों और रेल बुकिंग कर्मचारियों की सांठगांठ पर नजर रखी जा सके।
फिलवक्त हर बड़े आरक्षण केंद्रों पर दलालों पर सख्ती के लिए आरपीएफ को तैनात किया गया है।इसके पहले उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक वीके गुप्ता ने एक जुलाई से बदले जा रहे टाइम टेबल की जानकारी देने के लिए दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी। ऑफिसर्स क्लब में करीब डेढ़ घंटे तक चली मीडिया कांफ्रेंस में पत्रकारों ने सबसे ज्यादा सवाल 'तत्काल' टिकटों के गोरखधंधे पर ही किया।
महाप्रबंधक विजय गुप्ता ने बताया कि तत्काल के टिकटों के दुरुपयोग, दलालों की ओर से फर्जी पहचान-पत्र पर बुक कराई गई टिकटों को ऊंचे दाम पर बेचे जाने, रेल टिकट की इंटरनेट बुकिंग को हैक करने के अलावा आरक्षण केंद्रों की खिड़कियों पर जबरन कब्जा करने की ढेर सारी शिकायतें मिली हैं।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर सभी रेलवे जोन मिलकर आरक्षण व्यवस्था की नई प्लान बना रहे हैं। उत्तर रेलवे सोमवार से अपने टिकट बुकिंग क्लर्कों को ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा रहा है। आरक्षण केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाया जा सकता है ताकि दलाल वहां से अपने ग्राहकों से संपर्क न कर सकें।
गुप्ता ने बताया कि नई योजना के तहत सभी बड़े आरक्षण केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिनकी मदद से बुकिंग क्लर्कों और दलालों पर नजर रखी जा सके। रेलवे तत्काल बुकिंग के लिए अलग खिड़की निर्धारित करने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही इसके खुलने के मौजूदा समय सुबह 8 बजे के समय को आगे बढ़ाने पर विचार किय गया है। ऐसा करने से दलाल रेलवे आरक्षण केंद्रों पर रात से ही कब्जा करने से परहेज करेंगे। नई प्लान में हर तत्काल आरक्षण यात्रियों को अपना पहचान-पत्र अनिवार्य तौर पर दिखाना होगा।
सूत्रों के मुताबिक रेलवे ने आरक्षण के नियमों पर महत्वपूर्ण फैसला लेने के लिए रेलवे ने एक जुलाई को दिल्ली में एक बैठक बुलाई है। प्रेस कांफ्रेंस में सीनियर डीजीएम मो. जमशेद, चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर एसके चौधरी, चीफ कॉमर्शियल मैनेजर पीके गोयल, डीआरएम ए. के. सचान, नीरज शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
रेलवे ने अहम कदम उठाया है। रेल मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि अगली 10 जुलाई से तत्काल आरक्षण का टिकट सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक ही बिकेगा और इस दौरान अधिकृत एजेंटों को तत्काल का टिकट नही बेचा जाएगा।यह फैसला सभी रेलवे जोन में आम सहमति बनने पर रेलवे ने किया है। रेलवे ने ऐसा कदम इसलिए उठाया है कि दलाल या इसके एजेंट रात से ही रेलवे आरक्षण केंद्रों के काउंटर पर कब्जा न कर सकें। इसके साथ ही आरक्षण केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि दलालों और रेल बुकिंग कर्मचारियों की सांठगांठ पर नजर रखी जा सके।
फिलवक्त हर बड़े आरक्षण केंद्रों पर दलालों पर सख्ती के लिए आरपीएफ को तैनात किया गया है।इसके पहले उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक वीके गुप्ता ने एक जुलाई से बदले जा रहे टाइम टेबल की जानकारी देने के लिए दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी। ऑफिसर्स क्लब में करीब डेढ़ घंटे तक चली मीडिया कांफ्रेंस में पत्रकारों ने सबसे ज्यादा सवाल 'तत्काल' टिकटों के गोरखधंधे पर ही किया।
महाप्रबंधक विजय गुप्ता ने बताया कि तत्काल के टिकटों के दुरुपयोग, दलालों की ओर से फर्जी पहचान-पत्र पर बुक कराई गई टिकटों को ऊंचे दाम पर बेचे जाने, रेल टिकट की इंटरनेट बुकिंग को हैक करने के अलावा आरक्षण केंद्रों की खिड़कियों पर जबरन कब्जा करने की ढेर सारी शिकायतें मिली हैं।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर सभी रेलवे जोन मिलकर आरक्षण व्यवस्था की नई प्लान बना रहे हैं। उत्तर रेलवे सोमवार से अपने टिकट बुकिंग क्लर्कों को ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा रहा है। आरक्षण केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाया जा सकता है ताकि दलाल वहां से अपने ग्राहकों से संपर्क न कर सकें।
गुप्ता ने बताया कि नई योजना के तहत सभी बड़े आरक्षण केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिनकी मदद से बुकिंग क्लर्कों और दलालों पर नजर रखी जा सके। रेलवे तत्काल बुकिंग के लिए अलग खिड़की निर्धारित करने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही इसके खुलने के मौजूदा समय सुबह 8 बजे के समय को आगे बढ़ाने पर विचार किय गया है। ऐसा करने से दलाल रेलवे आरक्षण केंद्रों पर रात से ही कब्जा करने से परहेज करेंगे। नई प्लान में हर तत्काल आरक्षण यात्रियों को अपना पहचान-पत्र अनिवार्य तौर पर दिखाना होगा।
सूत्रों के मुताबिक रेलवे ने आरक्षण के नियमों पर महत्वपूर्ण फैसला लेने के लिए रेलवे ने एक जुलाई को दिल्ली में एक बैठक बुलाई है। प्रेस कांफ्रेंस में सीनियर डीजीएम मो. जमशेद, चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर एसके चौधरी, चीफ कॉमर्शियल मैनेजर पीके गोयल, डीआरएम ए. के. सचान, नीरज शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।