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अटूट स्नेह का प्रतीक है झूलनोत्सव

भागलपुर जिले के गंगापार नवगछिया में अब भी बरकरार है झूलनोत्सव का क्रेज। जो सावन शुक्लपक्ष की एकादशी से हर वर्ष की तरह प्रारंभ होकर सावन पूर्णिमा तक यानी रक्षा बंधन के दिन तक चलेगा। इस दौरान सभी मंदिरों में विराजमान भगवान को झूला में सजा कर आहिस्ता-आहिस्ता झुलाया जा रहा है। जिन्हें देखने के लिए आस-पास तथा गांवों के नर-नारी तथा बच्चे सपरिवार देखने के लिए पहुंच रहे हैं। झूलनोत्सव के दौरान बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम, लखन व सीता जी को झूला में झुलाया जा रहा है वहीं छोटी ठाकुरबाड़ी यानी हरि महाराज ठाकुर बाड़ी में चक्र सुदर्शन धारी भगवान विष्णु को माता लक्ष्मी के साथ झुलाया जा रहा है। गरीब दास ठाकुरबाड़ी में भी झूले पर वंशीधर भगवान श्री कृष्ण को राधा रानी के साथ आहिस्ता-आहिता से पुजारी द्वारा झुलाया जा रहा है। खरीक, झंडापुर और नारायणपुर क्षेत्र के मंदिरों में भी विराजमान भगवान को झूला में झुलाया जा रहा है। इतना ही नहीं सावन में भगवान को झूला झुलाने का महत्व जानने वाले तथा इनके प्रेम का आनन्द लेने वाले अपने-अपने घरों में भी झूला सजाकर भगवान को झुला रहें हैं। इस मौके पर मंदिरों को भी सजाया गया है। जिसका लुत्फ उठाने हजारों की संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। भजन-कीर्तन का भी आयोजन मंदिरों में किया गया है। भगवान शिव का श्रृंगार प्रतिदिन आकर्षक रूप से किया जा रहा है।