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श्रीशिवशक्तियोगपीठ आश्रम नवगछिया में दो दिवसीय कार्यक्रम आज से, उद्घाटन करेंगे कुलपति


नव-बिहार समाचार, नवगछिया (भागलपुर)। पुलिस जिला नवगछिया के पकरा पंचायत अंतर्गत  श्रीशिवशक्ति योगपीठ आश्रम नवगछिया के संस्थापक  परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के सानिध्य में  20 व 21 फरवरी को श्रीशिवशक्ति योगपीठ का वार्षिकोत्सव एवं महाशिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा. इस आयोजन में भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा सहित कई अन्य जिले से  हजारो की संख्या में भक्तगण शिरकत करेगें.  इस दौरान 20 फरवरी को वेदादि सद्ग्रंथ पाठ, दुर्गा पाठ , रूद्राभिषेक, कलाकारो के द्वारा भजन एवं संध्या में मंच उद्धाटन, विद्वानो का उद्गार ,  परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के द्वारा आशीर्वचन का कार्यक्रम है. जबकि 21 फरवरी को दीक्षा कार्यक्रम के अलावा भजन सम्राट डॉ हिमांशू मोहन मिश्र उर्फ दीपक मिश्र से प्रवचन व भजन, सुरमणि पंडित नाहर मिश्र से भजन, मानस विद्वषी डॉ आशा ओझा एवं मानस कोकिला कृष्णा मिश्र के द्वारा प्रवचन, विद्वानो का उद्गार, स्वामी जी के द्वारा आशीर्वचन जैसे कार्यक्रम सुनिश्चित हैं.

कार्यक्रम का कुलपति करेंगे उद्घाटन

श्रीशिवशक्तियोगपीठ के वार्षिकोत्सव व महाशिवरात्रि महोत्सव के उद्धाटन का कार्यक्रम प्रो. ज्योतिन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में होगा. 20 फरवरी को दोपहर दो बजे भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा एवं तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ अवध किशोर राय के द्वारा विधिवत् उद्धाटन किया जाएगा. वहीं मुख्य अतिथि के रूप में डॉ आशा ओझा, विशिष्ट अतिथि के तौर पर नवगछिया के एसडीओ मुकेश कुमार,  सन्मार्ग के स्थानीय संपादक वृजेन्द्र दूवे, हिन्दुस्तान के स्थानीय संपादक गीतेश्वर प्रसाद सिंह, नवगछिया के आरक्षी उपाधीक्षक प्रवेन्द्र भारती, हरिशंकर ओझा, गरिमामयी उपस्थिति में प्रो डॉ महावीर साह, आचार्य शिवशंकर ठाकुर, अनिमेष सिंह, शिव शरण पोद्धार उर्फ सिया बाबू उपस्थित रहेगें.

शिव और शक्ति के मिलन की रात

महाशिवरात्रि को पूरी रात शिवभक्त अपने आराध्य जागरण करते हैं . शिवभक्त इस दिन शिवजी की शादी का उत्सव मनाते हैं .  मान्यता है कि महाशिवरात्रि को शिवजी के साथ शक्ति की शादी हुई थी. इसी दिन शिवजी ने वैराग्य जीवन छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था.

इस वर्ष महाशिवरात्रि है 21 फरवरी को

 शिव और शक्ति के मिलन की रात महाशिवरात्रि पर्व इस वर्ष 21 फरवरी को है. महाशिवरात्रि के दिन जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से हीं श्रद्धालुओं की भीड़ उमड पड़ती है. कुछ मंदिर में रात्रि में शिव विवाह का भी आयोजन होता है. महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर श्रद्धालु जल अर्पित कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं.

शिवरात्रि व्रत विधि

गरुड़ पुराण के अनुसार शिवरात्रि से एक दिन पूर्व त्रयोदशी तिथि में शिव जी की पूजा करनी चाहिए और व्रत का संकल्प लेना चाहिए . इसके उपरांत चतुर्दशी तिथि को निराहार रहना चाहिए . मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को जल चढ़ाने से विशेष पुण्य प्राप्त होता हैं. शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराकर “ऊं नमो नम: शिवाय” मंत्र से पूजा करनी चाहिए.  इसके बाद रात्रि के चारों प्रहर में शिवजी की पूजा करनी चाहिए और अगले दिन प्रात: काल ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण करना चाहिए. गरुड़ पुराण के अनुसार इस दिन भगवान शिव को बिल्व पत्र अर्पित करना चाहिए. भगवान शिव को बिल्व पत्र बेहद प्रिय हैं . शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव को रुद्राक्ष, बिल्व पत्र, भांग, शिवलिंग और काशी अतिप्रिय है.