राजेश कानोडिया, नवगछिया। नवगछिया नगर पंचायत क्षेत्र में हाल के वर्षों के दौरान कैंसर जैसी असाध्य बीमारी से काफी लोग पीड़ित हो रहे हैं । जिनमें से लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत तो हो ही चुकी है। जिनके अलावा अभी भी कई इलाजरत हैं। इस क्षेत्र में धीरे धीरे फैल रही इस असाध्य बीमारी को लेकर इलाके के लोग इस बात को लेकर काफी चिंतित हैं कि नवगछिया में कब तक होगी कैंसर से लोगों की मौत। जिसका ताजा उदाहरण है बुद्धवार को भी नवगछिया बाजार में एक और व्यक्ति की हुई कैंसर से मौत।
कैंसर से हुई ताजा मौत
नवगछिया बाजार स्थित मेन रोड निवासी कपड़ा व्यवसायी पुरुषोत्तम मावण्डिया भी पिछले कई माह से कैंसर रोग से ग्रसित थे। जिनका इलाज मुंबई तक कराया जा चुका था। जिनका 13 अगस्त को निधन हो गया। जबकि एक माह पहले ही बिजली व्यवसायी बजरंग सर्राफ की मौत कैंसर से ही हैदराबाद में हो गयी थी। इससे पहले लगभग दो तीन माह पहले नवगछिया नया टोला में रह रही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर की एएनएम पुष्पा कुमारी की भी मौत काफी दिनों तक कैंसर से लड़ने के बाद हो गयी। वहीं पकरा निवासी मधेपुरा कोर्ट के पीपी सह भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य मृत्युंजय प्रसाद सिंह की मौत 22 मार्च 2014 को कैंसर से ही हुई है।
और भी हुई हैं कई मौतें
नवगछिया शहरी क्षेत्र में हाल के वर्षों के दौरान लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत कैंसर जैसी असाध्य बीमारी के कारण हो गयी है। रसलपुर निवासी पूर्व वार्ड पार्षद बिनोद यादव के अनुसार पिछले कई वर्षों के दौरान सिर्फ रसलपुर में लगभग नौ से दस लोगों की मौत कैंसर से हुई है। इसके अलावा नवगछिया बाजार निवासी लकड़ी व्यवसायी श्रवण गाड़ोदिया, एकाउंटेंट सह व्यवसायी देवेन्द्र चिरानिया, होटल व्यवसायी मदन लाल खंडेलवाल उर्फ मदन बाबा, बर्तन व्यवसायी बिनोद मूनका, इत्यादि की मौत भी इसी असाध्य बीमारी की वजह से हो गयी।
कई हैं इलाजरत
नवगछिया के कई लोग अब भी हैं इस बीमारी से ग्रसित हैं। जिनका इलाज विभिन्न जगहों पर हो रहा है। जिनमें से प्रमुख दवा व्यवसायी सह मारवाड़ी युवा मंच के प्रादेशिक सचिव रमेश चौधरी भी इस बीमारी से इलाजरत हैं। इसके अलावा थोक कपड़ा व्यवसायी दयाराम चौधरी की पत्नी दिल्ली से इलाजरत है। वहीं प्रमुख दवा व्यवसायी भगवती नारनोली भी इलाजरत हैं।
क्या है कारण
नवगछिया के लोगों का अनुमान है कि यहाँ के पानी में आयरन की मात्रा बहुत ज्यादा है। जिसकी वजह से धीरे धीरे यह बीमारी अपना घर बनाती जा रही है। जिसकी जानकारी होते होते काफी समय बीत चुकी होती है। तब तक यह बीमारी अपना जड़ जमा चुकी होती है।
क्या कहते हैं चिकित्सक
नवगछिया क्षेत्र के प्रमुख चिकित्सक सह सेवा निवृत सिविल सर्जन डॉ0 आरसी राय बताते हैं कि कोसी और गंगा नदी के बीच बसा हुआ है नवगछिया अनुमंडल। इस पूरे अनुमंडल क्षेत्र का पानी काफी दूषित हो चुका है। इस क्षेत्र में जल जनित कई बीमारियाँ तेजी से फैल रही है। जिसमें कैंसर और हेपेटाइटिस प्रमुख खतरनाक बीमारी है। नवगछिया में इसका जांच केंद्र नहीं रहने से आम लोगों को पता नहीं चल पाता है।
क्या है उपाय
इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को साफ और शुद्ध पेय जल का ही इस्तेमाल करना चाहिये। यथा संभव पानी को उबाल कर पीने से ज्यादा लाभ दायक है। तम्बाकू और इससे निर्मित वस्तु का सेवन नहीं करना चाहिये। इसले अलावा आस पास साफ साफ़ाई पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
