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विक्रमशिला सेतु पथ बना जान लेवा, कैसे पार करेगा कावांरियों का रेला


नवगछिया। भागलपुर में गंगा नदी पर बना विक्रमशिला सेतु का उत्तरी पहुँच पथ कई माह से जानलेवा बना हुआ है। जिसमें जहान्वी चौक से नवगछिया जीरो माइल तक छोटे बड़े मिलाकर हजारों गड्ढे बन चुके हैं। जिनका आकार रोजाना बढ़ता ही जा रहा है। जिसके बीच से वाहन चलाना वाहन चालकों की मजबूरी बनी हुई है। जिसकी वजह से आए दिन वाहनों का दुर्घटनाग्रस्त या क्षतिग्रस्त होना आम हो गया है। 
इस स्थिति में तब क्या होगा जब दो चार दिन बाद से ही झारखंड के विश्व प्रसिद्ध देवघर के श्रावणी मेले में शामिल होने वाला कावांरियों का रेला भी इस पहुँच पथ से एक माह तक गुजरेगा। जिसमें कई राज्यों तथा पड़ोसी देश नेपाल और भूटान तथा सिक्किम के छोटे बड़े वाहन तथा पैदल यात्री शामिल रहेंगे। इस हालात में भागलपुर जिला प्रशासन और नवगछिया पुलिस प्रशासन के समक्ष उस समय परेशानी खड़ी हो जायेगी जब इस जान लेवा बने मार्ग में घंटों विदेशी कांवरिये फंसे रहेंगे अथवा किसी कांवरिये की मौत हो जायेगी। 

रविवार को भी था यह मार्ग जाम 
यह विक्रमशिला सेतु पथ रविवार को भी कई घंटों जाम रहा। जिसे नवगछिया पुलिस जिला के परवत्ता थाना की पुलिस ने कई घंटों मशक्कत कर इस जाम से लोगों को निजात दिलायी। इस दौरान कई जरूरतमन्द लोगों के कार्य बाधित रह गए। जबकि कई की ट्रेन छुट गयी। कई महिलाओं ने सर पर सामान रख फूटपाथ के सहारे सेतु को पार किया। तो कई बाइक चालकों ने भी फूटपाथ का सहारा ले सेतु को पार किया। 

पहुँच पथ का जाम होना हुआ आम 
इस विक्रमशिला सेतु पहुँच पथ का जाम होना अब आम हो गया है। जिसकी वजह से समीपवर्ती लोग भी पुल पार करने के पहले पता लगाना चाहते हैं कि कहीं पुल जाम तो नहीं है। कारण कि इस पुल पर जाम लग जाने के बाद किसी को कोई पता नहीं कि कितने घंटों तक यह जाम लगा रहेगा। कई बार तो शाम में फंसे लोगों की पूरी रात ही इस रास्ते में बीत गयी है। जिसके लिए जिला प्रशासन ने भी कोई कारगर व्यवस्था नहीं कर रखी है। जिसका खामियाजा आम लोगों को ही भुगतना पड़ता है। 

इस कारण से भी लगता है जाम 
बरसात के इस मौसम में हल्की भी वर्षा होते ही इस पहुँच पथ में बने हजारों गड्ढों में पानी जमा हो जाता है। जो इन गड्ढों को बढ़ने में सहायक तो होता ही है। इसके साथ साथ दुर्घटनाओं को भी आमंत्रित करता है। गड्ढे में पानी भरा होने के कारण इसकी गहराई का अनुमान नहीं लग पाता है। जिसके फलस्वरूप अधिकांश वाहन क्षतिग्रस्त और दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। जो इस पथ पर जाम लगने का एक बड़ा कारण भी है। 

जाम के कारण बाधित होते हैं काम 
इस पुल पर या मार्ग में जाम हो जाने के कारण अधिकांश लोगों का काम बाधित हो जाता है। जहां हजारों लोगों का जिला मुख्यालय से जुड़ा कार्य बाधित हो जाता है। वहीं आपातकालीन अथवा दुर्घटनाग्रस्त रोगियों को भागलपुर अस्पताल तक लेजाना मुहाल हो जाता है। इस क्रम में कई बार रास्ते में ही रोगी की मौत तक हो गयी है। ट्रेनें तो अक्सर ही छूटती है। 

क्या कहते हैं अधिकारी 
इस मामले पर नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार कहते हैं कि जहान्वी चौक से नवगछिया जीरो माइल तक पूरी सड़क में गड्ढे ही गड्ढे बन चुके हैं। बरसात के मौसम में ये गड्ढे जान लेवा साबित हो सकते हैं । जिसकी संभावित मरम्मती आवश्यक है। इसके लिये सड़क निर्माण विभाग को लिखा जा रहा है।