दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जनता का काम न करना भी भ्रष्टाचार है और काम करने से कई बार मना करने वाले अधिकारी के खिलाफ लोकपाल कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। केजरीवाल ने पत्रकारों को बताया कि जन लोकपाल कानून का ड्राफ्ट पूरा होने वाला है और इस कानून में यह प्रावधान किया जा रहा है कि अधिकारी एक तय समय में लोगों के काम नहीं करता है तो उसे भ्रष्टाचार का मामला मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने एक कानून बनाया था, जिसमें लोगों के काम न करने पर तय समय के बाद जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन इस कानून का पालन सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। उसमें कई खामियां हैं, इसलिए अब अधिकािरयों की जवाबदेही तय करने का काम लोकपाल के तहत लाया जाएगा। ताकि अधिकारी तय समय में काम करें।
किरण बेदी को दिया जवाब
पूर्व सहयोगी किरण बेदी की 'छत से सरकार नहीं चलती' टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केजरीवाल ने कहा, शनिवार को जनता दरबार में उम्मीद से काफी ज्यादा जनता आ गई थी और मैं वहां से नहीं हटता तो भगदड़ मच जाती। पुलिस ने मुझसे लाठीचार्ज की इजाजत मांगी थी, लेकिन मैंने मना कर दिया और छत पर चढ़ कर लोगों से बात की, क्योंकि पहले जहां मैं खड़ा था, वहां से सारी जनता मुझे नहीं देख सकती थी। जब मैंने बात की तो जनता मान गई और वहां से चली गई। जनतंत्र में बातचीत से किसी भी समस्या का हल हो सकता है तो मैंने क्या गलत किया?
