पूर्व मध्य रेल क्षेत्र के अधीन धीमी गति से चल रही कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर अपने पद के दायरे में रहते हुए महाप्रबंधक मधुरेश कुमार ने इशारों ही इशारों में यह संकेत दे दिया कि यहां फंड की कमी है। उन्होंने यह तो खुलकर नहीं कहा कि परियोजनाएं वर्षो से अधर में क्यों लटकी है, लेकिन यह कहकर सबकुछ साफ कर दिया कि जैसे-जैसे फंड उन्हें मिलता है वैसे-वैसे परियोजनाओं का काम आगे बढ़ाया जाता है। हाजीपुर-सुगौली नई रेल लाइन की प्रगति के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राशि आवंटन के अनुरूप काम चल रहा है। सोनपुर रेल डिविजन का वार्षिक निरीक्षण करने के दौरान शुक्रवार को श्री कुमार सोनपुर जंक्शन पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ सोनपुर रेल डिविजन के डीआरएम राजेश कुमार और सीनियर डीसीएम बीएनपी वर्मा सहित काफी संख्या में रेल अधिकारी मौजूद थे।
निरीक्षण के बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए महाप्रबंधक ने यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में सोनपुर रेल डिविजन के बेहतर प्रयास की सराहना की। उन्होंने पूर्व मध्य रेल के सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों के बेहतर तरीके से सौंदर्यीकरण पर विशेष रूप से बल दिया। वहीं सोनपुर में बगैर उद्घाटन किए करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गये डेमू शेड में काम शुरू कर दिये जाने के संबंध में पूछने पर कहा कि काम होना चाहिए, उद्घाटन तो सेकेंड्री है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि दीघा रेल सह सड़क पुल का निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है। जो हर हालत में अगले वर्ष बनकर तैयार हो जाएगा। साथ ही मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर में रेलवे ओवर ब्रिज का शीघ्र निर्माण कराने की बात कही।
ट्रेनों में आग की घटना पर काबू पाने के उपाय को लेकर रेल की अग्निशमन सेवा की स्थापना की आवश्यकता के संबंध में पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि वैसे तो यह मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के स्तर का मामला है। फिलहाल ऐसी स्थिति से निपटने में रेलवे को संबंधित राज्य सरकार और आम लोगों की मदद बेहतर ढंग से मिल रही है। लेकिन अगर अलग व्यवस्था बनेगी तो उसे न सिर्फ पूर्व मध्य रेल बल्कि पूरे देश भर में लागू किया जायेगा। कोहरे में ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन कराने के लिए पूर्व मध्य रेल में एंटी फाग डिवाइस और टक्कर रोधी यंत्र के प्रयोग के बारे में पूछे जाने पर कहा कि फिलहाल इसकी टेस्टिंग चल रही है। बेहतर सफलता मिलने पर एक-दो वर्ष के बाद इसके लागू होने की संभावना है। इसके बाद महाप्रबंधक ने नयागांव और गोल्डेनगंज स्टेशन पहुंचकर वहां का जायजा लिया और वापस लौट गये।
