बगैर प्राथमिकी चावल लदे एक ट्रक को जब्त कर थाने में रखना भागलपुर जिला के बरारी पुलिस को महंगा पड़ा। न्यायालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण पूछा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रेय बीएनपी परिवास फाइनेंस लिमिटेड के अभिकर्ता अभिषेक कुमार ने किस्त का भुगतान नहीं करने पर गत 24 सितंबर को चावल लदे ट्रक (एनएल 10के-0673) को पकड़ लिया। बरारी थाने में एक सनहा दर्ज कर ट्रक को रखा गया। इस पर ट्रक मालिक एनजी रोड, कोहिता नागालैंड के निवासी गोविंद कुमार ने 27 सितंबर को सीजेएम आरसी मालवीय की अदालत में एक आवेदन दिया। आवेदन में कहा कि विपक्षी द्वारा अनाधिकृत रूप से ट्रक को जब्त कर लिया गया है। ट्रक पर चावल लदा है जो वर्षा में खराब हो सकता है।
अधिवक्ता विकास चंद्र चौधरी व श्रीधर कुमार सिंह के मुताबिक 27 सितंबर को ही न्यायालय ने बरारी थानाध्यक्ष से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। सोमवार को बरारी थानाध्यक्ष ने न्यायालय में अपना प्रतिवेदन दाखिल किया। प्रतिवेदन में कहा कि ट्रक को छोड़ने के लिए फाइनेंस कंपनी से मंतव्य लेना आवश्यक है। इस पर न्यायालय ने थानाध्यक्ष से पूछा है कि बिना प्राथमिकी किस आधार पर ट्रक को जब्त कर रखा गया है। थानाध्यक्ष को 48 घंटे का समय दिया गया है। अधिवक्ता ने बताया, सनहा पर एक माह से ट्रक को जब्त कर रखना गैरकानूनी है।
