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नवगछिया : स्कूल में छात्र के पाकेट से बरामद हुआ थाइमेट नामक जहर, पैदा हुए पाँच प्रश्न

पुलिस की हिरासत में चौथी का छात्र सुमन कुमार 
शिक्षिका की सतर्कता से टल गयी दर्जनों बच्चों की मौत जैसी परेशानी
रंगरा सहायक थाना में हुआ मामला दर्ज
एसपी ने भी की पूछताछ और छानबीन  

बिहार के छपरा जिला में हुई बच्चो की मौत का मामला अभी गरम ही है | इसके बावजूद जहां कई जगहों पर इससे मिलती जुलती साजिश लगातार सामने आ रही हैं | वही नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत
रंगरा सहायक थाना क्षेत्र के सधूआ गाँव स्थित प्राथमिक विद्यालय चापर के चौथी क्लास में एक छात्र के पाकेट से थाइमेट नामक जहर बरामद किया गया |
यह बरामदगी महज उस स्कूल की शिक्षिका कृष्णा कुमारी की सतर्कता से हो पायी है | जिसके साथ ही टल गयी दर्जनों बच्चों की मौत जैसी परेशानी | क्लास रूम में घुसते ही शिक्षिका को खास किस्म की गंध आने लगी | मौके पर ही शिक्षिका ने सभी बच्चों की जांच की | जिसके दौरान उसी वर्ग चार के कमरे में मौजूद मंच लाल दास के दस वर्षीय पुत्र छात्र सुमन कुमार के पाकेट से उक्त जहर बरामद किया गया | जिसकी तत्काल सूचना प्रभारी प्रधानाचार्य मनोज कुमार के माध्यम से प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी तथा अन्य अधिकारियों को दी गयी |
मामले की सूचना पाते ही थानाध्यक्ष सुभाष वैद्यनाथन, एसडीपीओ रमाशंकर राय तथा एसपी शेखर कुमार ने भी हिरासत में लिए गए छात्र से गहन पूछताछ की | इसके बाद प्रधानाध्यापक के बयान पर रंगरा थाना में एक मामला दर्ज किया गया है | जिसकी पुष्टि एसपी शेखर कुमार ने की है |
जानकारी के अनुसार जिस दस वर्षीय छात्र सुमन कुमार के पाकेट से थाइमेट नामक जहर बरामद किया गया | वह सधूआ ग्राम निवासी मंच लाल दास तथा रीना देवी की चार संतानों में सबसे बड़ा लड़का है | जिससे और दो छोटे लड़के औए एक लड़की भी है | छात्र के पिता गाँव में ही राज मिस्त्री का काम कर अपने परिवार का पोषण करते हैं |
 प्रशासन द्वारा की गयी पूछताछ में बताया गया कि यह थाइमेट नामक जहर  केले के वृक्ष में डालने के लिए लाया गया था | वहीं छात्र सुमन कुमार बताता है कि घर के मचान में यह थाइमेट रखा था | जिसे फेंकने के लिए जेब में रख लिया था |
यहा पैदा हुए पाँच प्रश्न ----
- कहीं छपरा की घटना की तरह पुनरावृत्ति कराने की कोई गहरी साजिश तो नहीं ?
- राज मिस्त्री का काम करने वाले मंच लाल दास के घर में क्यों और कैसे आया थाइमेट नामक जहर ?
- अगर लाया भी गया तो क्यों नहीं रहा बच्चे की पहुँच से दूर ?
- यदि फेंकने के लिए छात्र उस जहर को पाकेट में रखा था तो उसे स्कूल आने से पहले फेंका क्यों नहीं ?
- यदि बाहर फेंकने की जगह स्कूल के भोजन में या फिर चापाकल में फेंक देता तो क्या होता ?