बिहार में बाढ़ स्थित नेशनल थर्मल पावर (एनटीपीसी) की पहली इकाई से नंवबर 13 तक उत्पादन
शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही बिहार को 330 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी।
एनटीपीसी बाढ़ की चिमनी से अब धुआं निकलने लगा है। अगले महीने पावर ट्रांसफार्मर के माध्यम से ग्रिड तक बिजली संचरण का परीक्षण भी कर लिया जायेगा। फिलहाल, तेल से धमन भट्ठी में ताप और स्टीम का परीक्षण शुरू कर दिया गया है। कोयले का पहला रैक भी थर्मल पावर स्टेशन पहुंच गया है।
एनटीपीसी बाढ़ में 660 मेगावाट उत्पादन क्षमता की पांच इकाइयां स्थापित हो रही है। चौथी इकाई में बिजली उत्पादन से लेकर संचरण तक की सभी प्रणालियों का परीक्षण प्रक्रियाधीन है। हालांकि, अंतिम रूप से बिजली की आपूर्ति नवंबर 2013 से शुरू होने की संभावना है। उसके बाद नौ महीने के भीतर पांचवीं इकाई जुलाई 2014 में उत्पादन शुरू करेगी।
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- बिहार को होगा फायदा -
बाढ़ एनटीपीसी की कुल उत्पादन क्षमता 3300 मेगावाट है। इसमें बिहार के हिस्से में लगभग 1183 मेगावाट बिजली मिलनी है। चौथी और पांचवीं इकाई से 50 फीसद बिजली बिहार को मिलेगी जबकि यूनिट एक, दो और तीन में राज्य की हिस्सेदारी 26.42 फीसद है। चौथी और पांचवीं इकाई से कुल 660 मेगावाट और शेष तीन इकाई से 523 मेगावाट आपूर्ति की जायेगी।
- उत्पादन प्रक्रिया-
पर्यावरण प्रदूषण के मद्देनजर बाढ़ में आधुनिक सुपर थर्मल पावर की स्थापना की जा रही है। इसके ब्वायलर कम कोयले की खपत करके अधिक स्टीम पैदा कर सकेंगे। अनुमान है कि इस थर्मल पावर में रोजाना 23 हजार टन कोयले की खपत होगी। कम कोयले की खपत से लागत में कमी के साथ राख कम निकलेगी जिससे पर्यावरण संतुलन बनाये रखने में आसानी होगी।
- बाढ़ एनटीपीसी एक नजर में -
कुल इकाई की संख्या - 5
प्रति इकाई उत्पादन क्षमता-660 मे.वा.
थर्मल पावर की क्षमता -3300 मे.वा.
बिहार का हिस्सा-1183 मे.वा.
एनटीपीसी बाढ़ की चिमनी से अब धुआं निकलने लगा है। अगले महीने पावर ट्रांसफार्मर के माध्यम से ग्रिड तक बिजली संचरण का परीक्षण भी कर लिया जायेगा। फिलहाल, तेल से धमन भट्ठी में ताप और स्टीम का परीक्षण शुरू कर दिया गया है। कोयले का पहला रैक भी थर्मल पावर स्टेशन पहुंच गया है।
एनटीपीसी बाढ़ में 660 मेगावाट उत्पादन क्षमता की पांच इकाइयां स्थापित हो रही है। चौथी इकाई में बिजली उत्पादन से लेकर संचरण तक की सभी प्रणालियों का परीक्षण प्रक्रियाधीन है। हालांकि, अंतिम रूप से बिजली की आपूर्ति नवंबर 2013 से शुरू होने की संभावना है। उसके बाद नौ महीने के भीतर पांचवीं इकाई जुलाई 2014 में उत्पादन शुरू करेगी।
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- बिहार को होगा फायदा -
बाढ़ एनटीपीसी की कुल उत्पादन क्षमता 3300 मेगावाट है। इसमें बिहार के हिस्से में लगभग 1183 मेगावाट बिजली मिलनी है। चौथी और पांचवीं इकाई से 50 फीसद बिजली बिहार को मिलेगी जबकि यूनिट एक, दो और तीन में राज्य की हिस्सेदारी 26.42 फीसद है। चौथी और पांचवीं इकाई से कुल 660 मेगावाट और शेष तीन इकाई से 523 मेगावाट आपूर्ति की जायेगी।
- उत्पादन प्रक्रिया-
पर्यावरण प्रदूषण के मद्देनजर बाढ़ में आधुनिक सुपर थर्मल पावर की स्थापना की जा रही है। इसके ब्वायलर कम कोयले की खपत करके अधिक स्टीम पैदा कर सकेंगे। अनुमान है कि इस थर्मल पावर में रोजाना 23 हजार टन कोयले की खपत होगी। कम कोयले की खपत से लागत में कमी के साथ राख कम निकलेगी जिससे पर्यावरण संतुलन बनाये रखने में आसानी होगी।
- बाढ़ एनटीपीसी एक नजर में -
कुल इकाई की संख्या - 5
प्रति इकाई उत्पादन क्षमता-660 मे.वा.
थर्मल पावर की क्षमता -3300 मे.वा.
बिहार का हिस्सा-1183 मे.वा.
