राजनेताओं के जन्मदिन पर करदाताओं के करोड़ों रुपये विज्ञापन के लिए देने
पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब तलब किया है। कोर्ट
ने एक जनहित याचिका पर यह नोटिस जारी किया है जिसमें ऐसे
विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पिछले दिनों राष्ट्रीय नेताओं के जन्मदिन पर करोड़ों रुपये के विज्ञापन मीडिया को दिए गए। इनमें कोई जनहित नहीं था। मगर केंद्र सरकार के तमाम मंत्रालयों और विभागों ने आदमकद विज्ञापन व होर्डिंग निकलवा कर करोड़ों रुपये फूंक दिए।
मानो विभाग और मंत्रालय अपने पार्टी सुप्रीमो के प्रति वफादारी दिखाने के लिए बड़े से बड़ा विज्ञापन देने की प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। जस्टिस सीके प्रसाद और वी. गोपाल गौड़ा की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता कॉमन कॉज के वकील प्रशांत भूषण ने कहा, इस रकम से जन कल्याण के काम किए जा सकते थे। पर सरकार सार्वजनिक हितों पर हाथ खड़े कर देती है।
विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पिछले दिनों राष्ट्रीय नेताओं के जन्मदिन पर करोड़ों रुपये के विज्ञापन मीडिया को दिए गए। इनमें कोई जनहित नहीं था। मगर केंद्र सरकार के तमाम मंत्रालयों और विभागों ने आदमकद विज्ञापन व होर्डिंग निकलवा कर करोड़ों रुपये फूंक दिए।
मानो विभाग और मंत्रालय अपने पार्टी सुप्रीमो के प्रति वफादारी दिखाने के लिए बड़े से बड़ा विज्ञापन देने की प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। जस्टिस सीके प्रसाद और वी. गोपाल गौड़ा की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता कॉमन कॉज के वकील प्रशांत भूषण ने कहा, इस रकम से जन कल्याण के काम किए जा सकते थे। पर सरकार सार्वजनिक हितों पर हाथ खड़े कर देती है।