दिल्ली में हुई गैंगरेप जैसी घटना से बचने
के लिए राजस्थान में मुस्लिम समुदाय की एक पंचायत ने गुरुवार को लड़कियों
के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के साथ-साथ शादी विवाह के मौके पर नाचने-गाने
पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा लड़के-लड़कियों के परिवार की मर्जी के
खिलाफ और दूसरे समुदाय में शादी करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
यह
फैसला जयपुर से 400 किलोमीटर दूर उदयपुर जिले के सैलमबार शहर में अंजुमन
मुस्लिम पंचायत ने लिया है। पंजायत के सचिव हबिबुर रहमान ने पत्रकारों से
कहा कि हमने लड़कियों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाने का
फैसला किया है। यह फैसला इस विचार से लिया गया है कि मोबाइल फोन से
लड़कियां बिगड़ रही हैं।
उन्होंने
कहा कि मुस्लिम समुदाय की लड़कियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए गए
हैं। पंचायत सचिव ने कहा कि लड़कियों को शादी के समारोह में नाचने गाने की
इजाजत नहीं दी जाएगी। कोई जोड़ा अपने परिवार की इजाजत के बगैर शादी नहीं कर
सकता।
पंचायत
का आदेश न मानने वाली लड़कियों पर दंडात्मक कार्रवाई किए जाने के साथ-साथ
अपनी मर्जी से शादी करने वाले जोड़े को 51,000 रुपये का जुर्माना भरना
पड़ेगा जबकि दूसरे समुदाय की लड़की और लड़के से शादी करने पर भी 51,000
रुपया जुर्माना देना होगा।