चलती बस में गैंग रेप पर
दिल्ली समेत पूरे देश में उबाल है। दिल्ली का विजय चौक विरोध प्रदर्शनों का
केंद्र बन गया हैं। सैकड़ों की तादाद में युवा सुबह से वहां डटे रहे। लाख
मनाने के बाद भी लोग वहां से हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने शाम को
तीसरी बार लाठचार्ज कर विजय चौक को खाली करवा दिया। जनता के इस उबाल ने मिस्र के 'तहरीर चौक' के विरोध-प्रदर्शनों की याद ताजा कर दी है। इससे पहले शनिवार सुबह भी हजारों की संख्या में लोगों ने प्रदर्शन करते हुए
रायसीना हिल्स से राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च किया। भीड़ ने इस दौरान कई बार फिर सुरक्षा घेरा तोड़ा। इस पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसूगैस के गोलों और पानी की बौछार की गई। बाद में पुलिस कुछ लोगों को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के पास लेकर गई और उन लोगों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। इसे देखते हुए पुलिस ने विजय चौक को बंद कर दिया है और लोगों से उस रास्ते की तरफ न आने की गुजारिश की है।
सूत्रों ने बताया कि सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार हो गई है। इसके बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो पुलिस ने फिर से लाठीचार्ज किया, आंसूगैस के गोले दागे और पानी की बौछार छोड़ी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया।
लगातार तेज होते विरोध-प्रदर्शनों के बाद गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर उन्हें गैंगरेप मामले में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने शिंदे से दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना दोबारा न हो।