भ्रष्टाचार पर राजद सुप्रीमो को बोलने का हक नहीं है। वे स्वयं
भ्रष्टाचार की गंगोत्री में डूबे हैं। सभाओं में वे बेरोजगार व नौजवानों
को उकसाने का काम कर रहे हैं।
उक्त बातें गुरुवार को पत्रकार सम्मेलन में जदयू के प्रदेश स्तरीय
पदाधिकारियों ने कही। संगठन के जिला प्रभारी सह प्रदेश महासचिव चंद्रभूषण
राय ने कहा कि सरकार ने नियोजित शिक्षकों का वेतन तीन साल में बढ़ाया।
शिक्षा मित्रों को लालू ने
1500 रुपये में बहाल किया उन्हें नीतीश कुमार ने चार हजार रुपये दिया। लालू के कार्यकाल में सर्व शिक्षा अभियान की राशि लौट जाती थी लेकिन अब पूरी राशि खर्च हो रही है।
उन्होंने कहा कि नीतीश की पिछले सभी यात्राओं में किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। जब वे बिहारियों को झकझोरने निकले तो हमले होने लगे। ये विरोध प्रदर्शन खास दल के उकसाने पर हुए हैं। विरोधी ईष्र्या और जलन के शिकार हो रहे हैं। ऐसे दिलजले को जनता समय पर जवाब देगी। प्रदेश महासचिव राज कुमार सिंह ने कहा कि लालू कहते हैं कि वर्ष 2002 में अटल की सरकार में राबड़ी ने विशेष राज्य का दर्जा की मांग की थी। यह सरासर झूठ है। अगर लालू यह साबित कर दें तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने कहा कि मुद्धाविहीन नेता परिवर्तन की बात करते हैं। वे सामाजिक तनाव फैला रहे हैं।
उनके परिवर्तन रैली का क्या मतलब है यह जनता जानना चाहती है। संगठन प्रभारी नागेन्द्र चंद्रवंशी ने कहा कि विकास के बदले लालू ने 15 वर्षों तक नौंटकी किया। बिहार के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए विशेष राज्य का दर्जा जरूरी है। सुल्तानगंज के विधायक सुबोध राय ने कहा कि जनता ने ताकत और विश्वास के साथ लालू को अवसर दिया था। वह अवसर तो अभी नीतीश को मिला भी नहीं है। राज्य को संपूर्ण भारत के नक्शे पर लाने के लिए लालू को पूरा मौका मिला। उन्होंने विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को संजीदगी के साथ समर्थन देने की अपील की। कहा कि 2006 में इस मांग को लेकर सभी दलों ने विधानसभा में सहमति दी थी। इसके बाद दिल्ली गए प्रतिनिधिमंडल में भी सभी दलों के लोग साथ थे।
जिला अध्यक्ष लक्ष्मीकांत मंडल ने कहा कि सात को नीतीश कुमार की अधिकार यात्रा की तैयारी पूरी हो गई है। यह सम्मेलन कार्यकर्ताओं व समर्थकों का है। नवगछिया के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि उनके नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की टोली छह को ही भागलपुर की सीमा में मुख्यमंत्री का स्वागत करेगी। खगड़िया की घटना को दोहराने नहीं दिया जाएगा। मौके पर तारिक अनवर, प्रवेज अख्तर, गुरूचरण गुप्ता आदि थे।
1500 रुपये में बहाल किया उन्हें नीतीश कुमार ने चार हजार रुपये दिया। लालू के कार्यकाल में सर्व शिक्षा अभियान की राशि लौट जाती थी लेकिन अब पूरी राशि खर्च हो रही है।
उन्होंने कहा कि नीतीश की पिछले सभी यात्राओं में किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। जब वे बिहारियों को झकझोरने निकले तो हमले होने लगे। ये विरोध प्रदर्शन खास दल के उकसाने पर हुए हैं। विरोधी ईष्र्या और जलन के शिकार हो रहे हैं। ऐसे दिलजले को जनता समय पर जवाब देगी। प्रदेश महासचिव राज कुमार सिंह ने कहा कि लालू कहते हैं कि वर्ष 2002 में अटल की सरकार में राबड़ी ने विशेष राज्य का दर्जा की मांग की थी। यह सरासर झूठ है। अगर लालू यह साबित कर दें तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने कहा कि मुद्धाविहीन नेता परिवर्तन की बात करते हैं। वे सामाजिक तनाव फैला रहे हैं।
उनके परिवर्तन रैली का क्या मतलब है यह जनता जानना चाहती है। संगठन प्रभारी नागेन्द्र चंद्रवंशी ने कहा कि विकास के बदले लालू ने 15 वर्षों तक नौंटकी किया। बिहार के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए विशेष राज्य का दर्जा जरूरी है। सुल्तानगंज के विधायक सुबोध राय ने कहा कि जनता ने ताकत और विश्वास के साथ लालू को अवसर दिया था। वह अवसर तो अभी नीतीश को मिला भी नहीं है। राज्य को संपूर्ण भारत के नक्शे पर लाने के लिए लालू को पूरा मौका मिला। उन्होंने विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को संजीदगी के साथ समर्थन देने की अपील की। कहा कि 2006 में इस मांग को लेकर सभी दलों ने विधानसभा में सहमति दी थी। इसके बाद दिल्ली गए प्रतिनिधिमंडल में भी सभी दलों के लोग साथ थे।
जिला अध्यक्ष लक्ष्मीकांत मंडल ने कहा कि सात को नीतीश कुमार की अधिकार यात्रा की तैयारी पूरी हो गई है। यह सम्मेलन कार्यकर्ताओं व समर्थकों का है। नवगछिया के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि उनके नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की टोली छह को ही भागलपुर की सीमा में मुख्यमंत्री का स्वागत करेगी। खगड़िया की घटना को दोहराने नहीं दिया जाएगा। मौके पर तारिक अनवर, प्रवेज अख्तर, गुरूचरण गुप्ता आदि थे।