प्रयास जारी है। केंद्र से स्वीकृति के बाद फाइनेंस में यह मामला अटका हुआ है। फाइनेंस से इस प्रोजेक्ट को बाहर निकालने के लिए संघर्ष का रास्ता ही बचा है। सितम्बर में सड़क परिवहन मंत्रालय में इसी मुद्दे पर अनशन किया जाएगा।उंक्त बातें रविवार को स्थानीय सांसद शाहनवाज हुसैन ने पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री सीपी जोशी बाइपास प्रोजेक्ट के साथ सौतेलेपन का व्यवहार कर रहे हैं। खुद मंत्री ने फरवरी माह में कोसी महासेतु के उद्घाटन पर इसकी स्वीकृति की घोषणा की थी। फिर बाद में दिल्ली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष इसे स्वीकृति दी गई। अब राशि रिलीज करने में विभाग पेंच लगा रहा है। विभाग की यह घोर लापरवाही है। उंन्होंने कहा कि किसी भी शर्त पर बाइपास को पास करना ही पड़ेगा। यह जिले की 30 लाख जनता के हित का सवाल है। बिना बाइपास के शहर में यातायात की समस्या दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। सड़क जाम की समस्या से रविवार को खुद उन्हें जूझना पड़ा। इस प्रोजेक्ट में पूर्व में जितनी भी आपत्तियां थी उसे दूर कर लिया गया है तब वित्तीय स्वीकृति के नाम पर रोके रहना ठीक नहीं है। सांसद ने कहा कि मंत्री से वे कई बार मिल चुके हैं। उन्होंने वचन भी दिया था। सांसद ने कहा कि उल्टा पुल से जीरोमाइल तक पक्कीकरण के लिए टेंडर हो गया है अब कार्य का अवार्ड होना है।