दिल्ली में फिर दिखा है बिखरे सामाजिक तानाबाना का कुरूप चेहरा। रोहिणी
में छह साल से दो सगी बहनें अपने ही घर में कैद होकर जीवन बीता रही थीं। कुपोषण की शिकार दोनों बहनों को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बड़ी बहन ममता की हालत नाजुक है। दोनों बहनें मानसिक अवसाद की शिकार हो चुकी हैं। 40 साल की ममता तलाकशुदा है और मायके में ही रह रही हैं। उनका 14 साल का बेटा शुभम भी साथ ही रहता है।
ममता 12वीं पास हैं। बेटा शुभम पास के ही एक सरकारी स्कूल में आठवीं का छात्र है। 28 साल की छोटी बहन नीरजा नौवीं कक्षा तक पढ़ी हैं और अविवाहित हैं। लंबे समय से दोनों घर से बाहर नहीं निकलीं थीं। वे आस पड़ोस व रिश्तेदारों से भी पूरी तरह कटी हुई थीं।
आय का साधन न होने से कभी कोई रिश्तेदार उन्हें कुछ पैसे दे जाता, जिससे गुजर-बसर चल रहा था। उनके पिता का आठ साल पहले देहांत हो चुका है। फिलहाल वे मां निर्मला गुप्ता के साथ रोहिणी सेक्टर-7 के घर में रहती थीं। डिप्रेशन की शिकार दोनों बहनों ने छह साल से खुद को घर में कैद कर लिया था। लंबे अरसे से आस-पड़ोस के लोगों ने उनकी शक्ल तक नहीं देखी थी।
आर्थिक तंगी के कारण यह परिवार अपने लिए दो वक्त के खाने का जुगाड़ तक नहीं कर पा रहा था। कभी-कभार रिश्तेदार घर आकर कुछ खाने का सामान दे जाते।
में छह साल से दो सगी बहनें अपने ही घर में कैद होकर जीवन बीता रही थीं। कुपोषण की शिकार दोनों बहनों को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया।बड़ी बहन ममता की हालत नाजुक है। दोनों बहनें मानसिक अवसाद की शिकार हो चुकी हैं। 40 साल की ममता तलाकशुदा है और मायके में ही रह रही हैं। उनका 14 साल का बेटा शुभम भी साथ ही रहता है।
ममता 12वीं पास हैं। बेटा शुभम पास के ही एक सरकारी स्कूल में आठवीं का छात्र है। 28 साल की छोटी बहन नीरजा नौवीं कक्षा तक पढ़ी हैं और अविवाहित हैं। लंबे समय से दोनों घर से बाहर नहीं निकलीं थीं। वे आस पड़ोस व रिश्तेदारों से भी पूरी तरह कटी हुई थीं।
आय का साधन न होने से कभी कोई रिश्तेदार उन्हें कुछ पैसे दे जाता, जिससे गुजर-बसर चल रहा था। उनके पिता का आठ साल पहले देहांत हो चुका है। फिलहाल वे मां निर्मला गुप्ता के साथ रोहिणी सेक्टर-7 के घर में रहती थीं। डिप्रेशन की शिकार दोनों बहनों ने छह साल से खुद को घर में कैद कर लिया था। लंबे अरसे से आस-पड़ोस के लोगों ने उनकी शक्ल तक नहीं देखी थी।
आर्थिक तंगी के कारण यह परिवार अपने लिए दो वक्त के खाने का जुगाड़ तक नहीं कर पा रहा था। कभी-कभार रिश्तेदार घर आकर कुछ खाने का सामान दे जाते।
चिडचिडे स्वभाव की हो चुकीं निर्मला ने कभी आस-पड़ोस के लोगों से मदद नहीं मांगी। लोगों का कहना है कि जब कभी वे निर्मला से दोनों बेटियों के बारे में पूछते तो हमेशा उनका यही जवाब होता कि वे घर से बाहर नहीं आना चाहतीं।
आईसीयू में हैं ममता : दोनों बहनों का इलाज बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में चल रहा है। लेकिन ममता की स्थिति गंभीर होने के चलते उन्हें आईसीयू में रखा गया है। बताया जा रहा है कि ममता का वजन महज 20 किलो रह गया है। वहीं नीरजा को वार्ड में रखा गया है।
पुलिस कर रही है जांच : जानकारी के मुताबिक नीरज दोनों बहनों को लेकर अंबेडकर अस्पताल पहुंचा, जहां उनकी हालत देखकर डॉक्टर भी दंग रह गए। डॉक्टरों ने दोनों बहनों का इलाज शुरू करने के साथ-साथ पुलिस को भी मामले की पूरी जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ममता और नीरजा के घर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बहनों के कमरे से इतनी बदबू आ रही थी कि पुलिस को भी मास्क लगाकर कमरे में दाखिल होना पड़ा।
इस तरह मिली जानकारी
शनिवार की सुबह ममता और नीरजा के घर उनका चचेरा भाई नीरज आया हुआ था। घर में दाखिल होते ही उसने पाया कि दोनों बहनों के कमरे से बदबू आ रही है।
जब वह कमरे में दाखिल हुआ तो उसने देखा कि दोनों बहनों के शरीर पर कीड़े रेंग रहे हैं। उनके पूरे शरीर पर घाव हैं। ममता की हालत काफी गंभीर देखकर उसने घर पर एंबुलेंस बुलाया। दोनों बहनों को तुरंत बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आईसीयू में हैं ममता : दोनों बहनों का इलाज बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में चल रहा है। लेकिन ममता की स्थिति गंभीर होने के चलते उन्हें आईसीयू में रखा गया है। बताया जा रहा है कि ममता का वजन महज 20 किलो रह गया है। वहीं नीरजा को वार्ड में रखा गया है।
पुलिस कर रही है जांच : जानकारी के मुताबिक नीरज दोनों बहनों को लेकर अंबेडकर अस्पताल पहुंचा, जहां उनकी हालत देखकर डॉक्टर भी दंग रह गए। डॉक्टरों ने दोनों बहनों का इलाज शुरू करने के साथ-साथ पुलिस को भी मामले की पूरी जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ममता और नीरजा के घर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बहनों के कमरे से इतनी बदबू आ रही थी कि पुलिस को भी मास्क लगाकर कमरे में दाखिल होना पड़ा।
इस तरह मिली जानकारी
शनिवार की सुबह ममता और नीरजा के घर उनका चचेरा भाई नीरज आया हुआ था। घर में दाखिल होते ही उसने पाया कि दोनों बहनों के कमरे से बदबू आ रही है।
जब वह कमरे में दाखिल हुआ तो उसने देखा कि दोनों बहनों के शरीर पर कीड़े रेंग रहे हैं। उनके पूरे शरीर पर घाव हैं। ममता की हालत काफी गंभीर देखकर उसने घर पर एंबुलेंस बुलाया। दोनों बहनों को तुरंत बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।