ताजा समाचार :

6/Posts/ticker posts

गुरु द्वारा दिये नाम को जपने से मिलते हैं अनेकानेक फल- स्वामी आगमानन्द

नवगछिया (भागलपुर)। भजन के प्रभाव के कारण शब्द और नाद के साथ साथ गुरु द्वारा दिये गए नाम जप की भी बहुत महत्ता है। उस नाम का जप उपयोग जब जीव करता है तो उसे उसका अनेकानेक फल प्राप्त होता है। ठीक उसी तरह से जैसे विद्युत उपलब्ध हो तो उसकी धारा बल्ब में जोड़ने से प्रकाश मिलता है, पंखे में जोड़ने से हवा मिलती है, ध्वनि यंत्र में जोड़ने से ध्वनि में विस्तार होता है। संसार मे जितने भी काम हैं सारे इस शरीर के लिए हैं, आत्मा के लिए नहीं। जबकि आत्मा को भोजन, वस्त्र इत्यादि की कोई जरूरत नहीं होती। जब आत्मा शरीर में आती है तभी सभी कार्य करने होते हैं। लेकिन कुछ कार्य आत्मा के लिए भी करना चाहिए। गुरु द्वारा दिया गया नाम का जप और भजन ही आत्मा का सर्वश्रेष्ठ कार्य है। शेष सभी क्रियाएं तो पशु पक्षी भी करते हैं।

उपरोक्त उद्गार हैं परमहंस स्वामी आगमानन्द जी महाराज के। जिसे उन्होंने शुक्रवार को नवगछिया स्थित श्रीशिवशक्ति योगपीठ आश्रम में माघी नवरात्र और श्रीरामचरितमानस नवाह पारायण यज्ञ के समापन एवं विजया दशमी के अवसर पर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच कही। मौके पर भजन सम्राट दीपक मिश्रा जी द्वारा कई भजनों का रसपान कराया गया। इससे पूर्व आश्रम में एक शुद्ध पेयजल संयंत्र का उद्घाटन कर संचालन किया गया। जिसे मदरौनी के मुखिया अजीत कुमार उर्फ मुन्ना जी ने स्थापित कराया।
मौके पर स्वामी मानवानंद जी, पंडित प्रेम शंकर भारती, मनोरंजन भारती, आचार्य अनिरुद्ध बाबा, मदरौनी के मुखिया अजीत कुमार उर्फ मुन्ना जी सहित पूर्णिया, कटिहार, तेलघी, पंचगछिया, नवगछिया, भागलपुर, खगड़िया सहित कई जिलों के हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। जहां देर शाम कलश विसर्जन यात्रा निकाली गई। जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया।