ताजा समाचार :

6/Posts/ticker posts

नवोदय विधालय में एनआईओएस समापन समारोह में प्रशिक्षु को दिया गया प्रमाण पत्र


नारायणपुर/संवाददाता। जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय नगड़पारा में शनिवार को एनआईओएस द्वारा संचालित दो वर्षीय डीएलएड प्रशिक्षण का समापन समारोह पुर्वक किया गया। एनआईओएस ने कोर्स के लिए नवोदय बिधालय में केंद्र खोला था। जिसके समन्वयक नवोदय विधालय के प्राचार्य डॉ ब्रजेश कुमार को बनाया गया था। समापन समारोह का उद्घघाटन मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुसूदन पासवान, पीएचसी प्रभारी डॉ विजयेंद्र कुमार विद्यार्थी, जेपी कॉलेज प्राचार्य डॉ बिभांशु मंडल,डॉ नितेश यादव, संचालक वरीय साधन सेवी मिथिलेश कुमार,सुपौल नवोदय विद्यालय के शिक्षक डा.उमाशंकर प्रसाद ने द्विप प्रज्वलित कर किया।

मौके पर प्रशिक्षु को डीईओ ने कहा कि प्रशिक्षण पाना आज के समय में छात्रों के लिए कठिन हो गया है। जिसमें मन को मारकर सीखना पड़ता है। सरकारी शिक्षकों को स्वतंत्रता,आजादी है लेकिन प्राइवेट शिक्षक को आजादी व स्वतंत्रता नहीं है। एनआईओएस का नवोदय विद्यालय में जिले में सबसे बेहतर केंद्र रहा। प्रशिक्षण में सीखने को मिलता है, प्रशिक्षण में बच्चों को सीखाने के लिये बताया जाता है। प्रशिक्षण में छात्रों को पढ़ाने की तकनीक बताई जाती है। अप्रशिक्षित को प्रशिक्षित करने का अच्छा पहल है एनआईओएस का कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नवोदय प्राचार्य डॉ ब्रजेश कुमार ने कहा कि प्रशिक्षु की प्रतिभा प्रशिक्षण के दौरान देखने को मिला जो बहुत अच्छा रहा।

संचालक मिथिलेश कुमार ने कहा कि प्रशिक्षित होने पर शिक्षक विद्यालय में छात्रों को बेहतर शिक्षा देते हैं। प्रशिक्षित शिक्षक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकते हैं। कोशी शिक्षक स्वाभिमान मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नीतेश यादव ने कहा की शिक्षकों को कई प्रकार की समस्या से जूझना पड़ता है। जिसके लिये समय-समय पर सरकार से शिक्षकहित में आवाज बुलंद करता रहता हुं सरकार को सभी  प्रशिक्षित शिक्षकों  की सीधी भर्ती सरकारी विधालय में करनी चाहिए। इससे बेरोजगारी के साथ बिधालय में  शिक्षकों की कमी की समस्या खत्म होगी। कार्यक्रम में प्रशिक्षु शिक्षकों को अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र दिया गया। प्रशिक्षु शिक्षकों ने स्वागत गान,नारी शिक्षा, प्रदूषण विषयों पर गीत की प्रस्तुति दी। वरिष्ठ शिक्षक मेराज आलम ,आर एन ठाकुर, बी सी झा,आशुतोष दुबे सहित लगभग दौ सौ प्रशिक्षु मौजूद थे।