
जानकारी
के मुताबिक पोस्टमॉटर्म के समय एक सुरक्षाकर्मी का शव सिला हुआ था. जांच
हुई तो पता चला कि शव में जिंदा बम रखा हुआ है. इसके बाद बम निरोधक दस्ते
को बुलाया गया.
लातेहार
के बरवाडीह प्रखंड में मंगलवार को नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 11 जवान
शहीद हुए थे. मुठभेड़ के बाद शहीद जवानों के शव को पोस्टमार्टम के लिए
सरकारी अस्पताल लाया गया था.
माओवादियों ने लातेहार में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ के बाद एक सुरक्षाकर्मी की लाश के आइईडी लगाकर चीथड़े उड़ा दिए और एक जवान का पेट चीरकर उसमें आइईडी ठूंस दिया तथा उसे फिर से सिल दिया, जिसका पता गुरुवार को पोस्टमार्टम के दौरान चला।
यहां से लगभग सौ किलोमीटर दूर लातेहार के जंगलों में अमुआटीकर गांव में सोमवार की रात सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में माओवादियों ने घात लगाकर किए गए हमले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के नौ जवानों समेत कुल दस सुरक्षाकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया और चौदह अन्य सुरक्षाकर्मियों को घायल कर दिया।
पुलिस अधीक्षक क्रांति कुमार ने बताया कि माओवादियों ने सोमवार की बिछाई गई बारूदी सुरंगों के जाल में फंसे घायल सुरक्षाकर्मियों को बड़ी बेरहमी से मारा और कुछ सुरक्षाकर्मियों के शरीर पर मरने से पहले ही उन्होंने आइईडी बांध दिया।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा नक्सलियों ने पलामू के रहने वाले केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान बैजनाथ किस्कू के शव पर आइईडी लगाकर उसके चीथड़े उड़ा दिए।
उन्होंने बताया कि इलाहाबाद के रहने वाले केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 112वीं बटालियन के जवान बाबूलाल पटेल का पेट चीरकर उसके भीतर आइईडी ठूंस दिया और फिर से उसका पेट सिल दिया।
क्रांति कुमार ने बताया कि आज इस जवान का शव जब रांची के राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में अन्य शहीद जवानों के साथ पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया तो चिकित्सकों ने उसका पेट चीरा तो उसमें से आइईडी निकला। यह देखकर अस्पताल में अफरातफरी मच गयी।
क्रांति कुमार ने बताया कि रिम्स में आनन फानन में जवान के शव को अंत्यपरीक्षण गृह से बाहर निकाला गया और बम निरोधक दस्ता बुलाकर जवान के शव के पेट में ठूंसा गया आइईडी निकालकर उसे निष्क्रिय किया गया। इस बीच, यहां रिम्स के चिकित्सा अधिकारियों ने भी इस घटना की पुष्टि की और कहा कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह का मामला पहली बार ही देखा है।
बाद में जवान के शव का अंत्य परीक्षण कर उसे सीआरपीएफ के स्थानीय कार्यालय भेज दिया गया।
क्रांति कुमार ने कहा कि माओवादियों का यह कृत्य देखकर कहीं से भी यह नहीं लगता है कि अब उनकी कार्रवाई किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन से कम घृणास्पद और खतरनाक हो।
मृत जवानों के शव हेलीकाप्टर से रांची लाने के दौरान आइईडी विस्फोट के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि बहुत ही खतरनाक हादसा होता, जिसमें सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ता।
उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं यदि जवान के परिजन पोस्टमार्टम के पूर्व मौके पर पहुंच जाते और उन्होंने शव को हाथ लगाया होता तो इस जघन्य कृत्य से उनकी जान भी जा सकती थी।
लातेहार में सोमवार को नक्सलियों के साथ सुरक्षा बलों की हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ के नौ जवान, झारखंड जैगुआर का एक जवान और कुल चार नागरिकों की मौत हो गई। वहीं, 12 सीआरपीएफ के जवानों समेत चौदह जवान और एक नागरिक इस मुठभेड़ में घायल हुए हैं।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता महानिरीक्षक एसएन प्रधान ने बताया कि कल शाम एक और नागरिक का शव बरामद होने से इस मुठभेड़ में मारे गए ग्रामीणों की संख्या चार पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने भी कम से कम नौ माओवादियों को मार गिराया और कई अन्य को घायल कर दिया। उन्होंने बताया कि आज मुठभेड़ स्थल पर गोलीबारी बंद है। वहां और सुरक्षा बलों को भेजा गया है तथा जंगलों छिपे नक्सलियों की तलाश की जा रही है।
इस बीच, प्रधान ने इन आरोपों का खंडन किया कि नक्सलियों की मोर्चेबंदी के चलते मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाकर्मियों के शव हटाने और घायल सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल पहुंचाने में विलंब हुआ, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ गई।
प्रधान ने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के लिए लातेहार में अमुआटीकर पहुंचे सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में कम से कम नौ माओवादियों को मार गिराया और अनेक को घायल किया। लेकिन बड़ी संख्या में वहां एकत्रित माओवादी अपने साथियों का शव ले जाने में सफल रहे।
प्रधान ने कहा कि नक्सली आसपास के गांवों जिस घबराहट में दवा, पानी, खाद्य सामग्री आदि की तलाश कर रहे हैं और जिस तरह आसपास के इलाके में खून और मांस के लोथड़े मिले हैं। उससे इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि कम से कम नौ नक्सली अब तक मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।
माओवादियों ने लातेहार में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ के बाद एक सुरक्षाकर्मी की लाश के आइईडी लगाकर चीथड़े उड़ा दिए और एक जवान का पेट चीरकर उसमें आइईडी ठूंस दिया तथा उसे फिर से सिल दिया, जिसका पता गुरुवार को पोस्टमार्टम के दौरान चला।
यहां से लगभग सौ किलोमीटर दूर लातेहार के जंगलों में अमुआटीकर गांव में सोमवार की रात सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में माओवादियों ने घात लगाकर किए गए हमले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के नौ जवानों समेत कुल दस सुरक्षाकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया और चौदह अन्य सुरक्षाकर्मियों को घायल कर दिया।
पुलिस अधीक्षक क्रांति कुमार ने बताया कि माओवादियों ने सोमवार की बिछाई गई बारूदी सुरंगों के जाल में फंसे घायल सुरक्षाकर्मियों को बड़ी बेरहमी से मारा और कुछ सुरक्षाकर्मियों के शरीर पर मरने से पहले ही उन्होंने आइईडी बांध दिया।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा नक्सलियों ने पलामू के रहने वाले केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान बैजनाथ किस्कू के शव पर आइईडी लगाकर उसके चीथड़े उड़ा दिए।
उन्होंने बताया कि इलाहाबाद के रहने वाले केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 112वीं बटालियन के जवान बाबूलाल पटेल का पेट चीरकर उसके भीतर आइईडी ठूंस दिया और फिर से उसका पेट सिल दिया।
क्रांति कुमार ने बताया कि आज इस जवान का शव जब रांची के राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में अन्य शहीद जवानों के साथ पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया तो चिकित्सकों ने उसका पेट चीरा तो उसमें से आइईडी निकला। यह देखकर अस्पताल में अफरातफरी मच गयी।
क्रांति कुमार ने बताया कि रिम्स में आनन फानन में जवान के शव को अंत्यपरीक्षण गृह से बाहर निकाला गया और बम निरोधक दस्ता बुलाकर जवान के शव के पेट में ठूंसा गया आइईडी निकालकर उसे निष्क्रिय किया गया। इस बीच, यहां रिम्स के चिकित्सा अधिकारियों ने भी इस घटना की पुष्टि की और कहा कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह का मामला पहली बार ही देखा है।
बाद में जवान के शव का अंत्य परीक्षण कर उसे सीआरपीएफ के स्थानीय कार्यालय भेज दिया गया।
क्रांति कुमार ने कहा कि माओवादियों का यह कृत्य देखकर कहीं से भी यह नहीं लगता है कि अब उनकी कार्रवाई किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन से कम घृणास्पद और खतरनाक हो।
मृत जवानों के शव हेलीकाप्टर से रांची लाने के दौरान आइईडी विस्फोट के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि बहुत ही खतरनाक हादसा होता, जिसमें सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ता।
उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं यदि जवान के परिजन पोस्टमार्टम के पूर्व मौके पर पहुंच जाते और उन्होंने शव को हाथ लगाया होता तो इस जघन्य कृत्य से उनकी जान भी जा सकती थी।
लातेहार में सोमवार को नक्सलियों के साथ सुरक्षा बलों की हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ के नौ जवान, झारखंड जैगुआर का एक जवान और कुल चार नागरिकों की मौत हो गई। वहीं, 12 सीआरपीएफ के जवानों समेत चौदह जवान और एक नागरिक इस मुठभेड़ में घायल हुए हैं।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता महानिरीक्षक एसएन प्रधान ने बताया कि कल शाम एक और नागरिक का शव बरामद होने से इस मुठभेड़ में मारे गए ग्रामीणों की संख्या चार पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने भी कम से कम नौ माओवादियों को मार गिराया और कई अन्य को घायल कर दिया। उन्होंने बताया कि आज मुठभेड़ स्थल पर गोलीबारी बंद है। वहां और सुरक्षा बलों को भेजा गया है तथा जंगलों छिपे नक्सलियों की तलाश की जा रही है।
इस बीच, प्रधान ने इन आरोपों का खंडन किया कि नक्सलियों की मोर्चेबंदी के चलते मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाकर्मियों के शव हटाने और घायल सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल पहुंचाने में विलंब हुआ, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ गई।
प्रधान ने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के लिए लातेहार में अमुआटीकर पहुंचे सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में कम से कम नौ माओवादियों को मार गिराया और अनेक को घायल किया। लेकिन बड़ी संख्या में वहां एकत्रित माओवादी अपने साथियों का शव ले जाने में सफल रहे।
प्रधान ने कहा कि नक्सली आसपास के गांवों जिस घबराहट में दवा, पानी, खाद्य सामग्री आदि की तलाश कर रहे हैं और जिस तरह आसपास के इलाके में खून और मांस के लोथड़े मिले हैं। उससे इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि कम से कम नौ नक्सली अब तक मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।