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फेरबदल से पहले चार मंत्रियों के इस्तीफे, पीएम से मिलेंगी सोनिया

केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल के बीच मंत्रियों के इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी, पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक ने शनिवार को अपना इस्तीफा दे दिया। इन तीनों का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा को विदेश मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना है और वाणिज्य मंत्रालय का जिम्मा
डी पुरंदेश्वरी देवी को दिया जा सकता है। वहीं अजय माकन को खेल मंत्रालय से हटाकर सूचना प्रसारण मंत्रालय सौंपने की चर्चा है। सूत्रों ने बताया कि कमलनाथ को संसदीय कार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक शाम चार बजे सोनिया गांधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलेंगी। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री के साथ मंत्रियों के विभागों पर चर्चा हो सकती है।
एसएम कृष्णा ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंपने के बाद आज मीडिया से बातचीत में कहा कि वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को मौके मिले। पार्टी आगे उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे वह निभाएंगे। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध काफी बेहतर रहे। हम कई गतिरोध वाले मुद्दों को छोड़कर आगे बढ़े हैं। वहीं अंबिका सोनी और मुकुल वासनिक ने अपने इस्तीफे में संगठन में काम करने की इच्छा जताई है।
दूसरी ओर, इस बात की चर्चा जोरों पर है कि राहुल मंत्रिमंडल में तो शामिल नहीं होंगे लेकिन उन्हें महासचिव पद से प्रमोट कर कार्यकारी अध्यक्ष या उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है।
इन मंत्रियों के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में रविवार को संभावित विस्तार और फेरबदल तय हो गया है। इस फेरबदल से लगभग दर्जनभर से अधिक मंत्रियों के प्रभावित होने के संकेत हैं। जबकि, फेरबदल में पश्चिम बंगाल को तवज्जो मिलने के आसार हैं।
काग्रेस महासचिव राहुल गाधी के मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई। हालाकि पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह ने उनके संगठन में ही रहने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष या उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, जिन मंत्रियों के मंत्रालयों में फेरबदल होना है, उनके नाम मनमोहन व सोनिया की मुलाकात के बाद तय हो चुके हैं। फिर भी इस मसले पर आज इन दोनों में फिर से राय-मशविरे से इंकार नहीं किया जा सकता।
माना जा रहा है कि यह संप्रग-2 सरकार के मंत्रिमंडल में अंतिम फेरबदल है। लिहाजा, चुनावी राज्यों व राजनीतिक समीकरणों को खास तवज्जो दी जाएगी। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के इस्तीफे के पीछे भी उन्हें कर्नाटक में फिर से सक्रिय करने की रणनीति है। हालाकि, कृष्णा का नाम कर्नाटक लोकायुक्त की एक जाच से सवालों के घेरे में है।
कृष्णा की जगह आनंद शर्मा या सलमान खुर्शीद को नया विदेश मंत्री बनाए जाने के कयास हैं। कर्नाटक से ही के रहमान खान और चिरंजीवी के भी मंत्री बनने की बात है। तृणमूल काग्रेस से सरकार से बाहर होने के बाद पश्चिम बंगाल में काग्रेस खुद को मजबूत करना चाहती है। वहा पंचायत चुनाव भी होने हैं। सूत्रों की मानें तो वहा से अबू हासेम खान चौधरी, प्रदीप भट्टाचार्य और संभव हुआ तो दीपा दासमुंशी को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। जबकि, झारखंड में पार्टी की मजबूती व आदिवासी प्रतिनिधित्व के मद्देनजर प्रदीप बालमुचू को सरकार में जगह मिल सकती है। राकापा कोटे से तारिक अनवर का मंत्री बनना और अगाथा संगमा की विदाई तय मानी जा रही है। कपिल सिब्बल से मानव संसाधन विकास मंत्रालय लिए जाने और काग्रेस संगठन से जनार्दन द्विवेदी को सरकार में लाने की बात भी कही जा रही है। यूपी से केंद्र के मंत्रियों में किसी के हटने के संकेत नहीं हैं। अलबत्ता, नया चेहरा शामिल हो सकता है। जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा, आरपीएन सिंह, सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया का कद बढ़ सकता है, राहुल गाधी की टीम में सक्त्रिय मीनाक्षी नटराजन के भी मंत्री बनने की चर्चा है। आध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के विजय भास्कर रेड्डी के पुत्र व तेलंगाना क्षेत्र के दो सासदों को मंत्री बनाया जा सकता है।