एफडीआई,
डीजल और एलपीजी मुद्दे पर यूपीए सरकार से अलग होने के बाद तृणमूल कांग्रेस
प्रमुख व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि 'मैं भले
काट नहीं सकती लेकिन हमेशा फुफकार तो सकती ही हूं।' वे स्वामी विवेकानंद के
आध्यात्मिक गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस से संबंधित लोककथा का संदर्भ दे रही
थीं। माना जाता है कि रामकृष्ण ने कोबरा प्रजाति के एक सांप से कहा था कि
वह लोगों को काटे नहीं, केवल फुफकार कर भी लोगों को डरा सकता है।
ममता ने शनिवार को टाला पार्क में राज्य सरकार की जल परियोजना स्थल पर कहा, 'मैं भले काट नहीं सकती लेकिन फुफकार तो सकती हूं। अगर जनता के अधिकारों पर खतरा मंडराएगा तो हम फुफकारेंगे। हम मां, माटी, मानुष के सामने अपना सिर झुका सकते हैं लेकिन सत्ता के घमंड के सामने नहीं।' उन्होंने कहा कि हम पर चिल्लाओगे तो हम और तेज आवाज में विरोध करेंगे। धमकाओगे तो हम दहाड़ेंगे। यह हमारे स्वाभिमान की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा, ''हो सकता है कि हम गरीब हों लेकिन हमारी भी गरिमा है। जनता लोकतंत्र की मुख्य संपत्ति है। जो बंगाल आज सोचता है, दुनिया कल सोचेगी।'
ममता ने शनिवार को टाला पार्क में राज्य सरकार की जल परियोजना स्थल पर कहा, 'मैं भले काट नहीं सकती लेकिन फुफकार तो सकती हूं। अगर जनता के अधिकारों पर खतरा मंडराएगा तो हम फुफकारेंगे। हम मां, माटी, मानुष के सामने अपना सिर झुका सकते हैं लेकिन सत्ता के घमंड के सामने नहीं।' उन्होंने कहा कि हम पर चिल्लाओगे तो हम और तेज आवाज में विरोध करेंगे। धमकाओगे तो हम दहाड़ेंगे। यह हमारे स्वाभिमान की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा, ''हो सकता है कि हम गरीब हों लेकिन हमारी भी गरिमा है। जनता लोकतंत्र की मुख्य संपत्ति है। जो बंगाल आज सोचता है, दुनिया कल सोचेगी।'