नवगछिया पुलिस जिला तथा मधेपुरा जिला के कुख्यात ध्रुवा यादव के आतंक पर यदि एक नजर डालीं जाय तो वो वर्ष 2000 से इस प्रकार से सामने आती है। जिसे लेकर उस पर इनाम भी घोषित किया गया था।
2000 से 2005 : रायपुर के संजय साह का अपहरण, खरीक थाने के तेलघी गांव से सुजय का अपहरण, फसल लूट, हत्या व अन्य वारदात
2006 : पुलिस के साथ मुठभेड., हथियार फेंक कर भाग गया ध्रुवा
2007 : किसान द्वारा रंगदारी नहीं देने पर घोडे. से खींच कर की पिटाई
2009 : थानाध्यक्षों के साथ मुठभेड.
2012 : अक्तूबर माह में बैनाडीह बहियार के किसानों को बनाया बंधक, पिटाई कर रंगदारी का फरमान
2012 : 11 दिसंबर : बिहपुर विधायक कुमार शैलेंद्र पर गोली चलाने का मामला
2012 : 23 दिसंबर को मछुवारे को पीटा
2013 : 6 जनवरी को दूसरी बार पुलिस के हत्थे चढ.ा ध्रुवा
2013 : 29 जुलाई को नवगछिया व्यवहार न्यायालय में रंगदारी और फसल लूट के मामले में ध्रुवा सहित तीन सहयोगियों को छ: वर्ष की सजा
2013 : 21 सितंबर को 2006 के अवैध हथियार के साथ गिरफ्तारी के मामले में ध्रुवा को तीन वर्ष सश्रम कारावास और ध्रुवा को मिल गयी जमानत
2013 : नवंबर माह में दो आपराधिक पक्षों के बीच गोलीबारी में संलिप्त
2013 : दिसंबर माह में रंगदारी नहीं देने पर पूर्व हवलदार के पुत्र की पिटाई, दी जान मारने की धमकी और की जबरदस्त पिटाई.
इसके अलावा मधेपुरा जिला में भी इसका आतंक सर चढ़ कर बोल रहा था। जहां किसानों की पिटाई व रंगदारी से लोग त्रस्त हो चुके थे।
2013 में ही 24 नवम्बर रविवार को ही एक किसान बालेश्वर मंडल ने धुर्वा यादव के खिलाफ चौसा थाने में लिखित आवेदन देकर जानमाल रक्षा की गुहार लगाई थी । आवेदन के अनुसार मोरसंडा बहियार में किसान बालेश्वर मंडल ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर रहे थे। इसी बीच हथियार से लैस कुख्यात धुर्वा अपने दर्जनों साथियों के साथ वहां पहुंचा और किसान के साथ गाली-गलौज व मारपीट करने लगा। दहशत पैदा करने के लिए एक फायरिंग भी की। किसान से दो मोबाइल, नकदी 7200 रुपये व सौ लीटर डीजल भी लूट लिया। जाते-जाते दो लाख रुपये की रंगदारी देने अन्यथा जान से मारने की धमकी देता गया। जबकि रविवार को ही पनदही बहियार में कुख्यात कृपाल सिंह गिरोह द्वारा रंगदारी नहीं देने पर एक किसान शंकर मेहता को गोली मारकर जख्मी कर दिया गया था।
