नवगछिया अनुमंडल के नवगछिया प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रखण्ड कृषि कार्यालय में इन दिनों दो दो प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी पदस्थापित हैं | जिसके कारण प्रखण्ड के किसान इन दिनों असमंजस में हैं. अब किसान किनके पास
जायें, किन्हें अपना आवेदन सौंपे यह उनके समझ में नहीं आ रहा. दोनों ही पदाधिकारी कृषि कार्यालय में अपनी सेवा दे रहे हैं.
जहां एक तरफ निदेशक के आदेशानुसार नवगछिया प्रखंड में 22 अप्रैल को नये कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार ने नवगछिया कृषि कार्यालय में योगदान दिया. लेकिन, उन्हें अभी तक कृषि पदाधिकारी का कार्यभार नहीं मिल पाया है. वहीं दूसरी तरफ पुराने कृषि पदाधिकारी राजेंद्र रजक अपने पद पर जमे हुए हैं.
नये कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि उन्होंने 22 अप्रैल को ही स्थायी कृषि पदाधिकारी के रूप में योगदान दे दिया है. उन्हें उसी समय प्रभार दे दिया गया था. पुराने कृषि पदाधिकारी ने कुछ वित्तीय मामले निबटाने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा था. श्री कुमार ने कहा कि सिर्फ वित्तीय प्रभार को छोड. कर उनके पास ही सारे काम का जिम्मा है. वहीं अभी भी पद पर जमे कृषि पदाधिकारी राजेंद्र रजक ने कहा कि नये कृषि पदाधिकारी प्रभार लेना ही नहीं चाह रहे हैं. उन्होंने ही मुझे कुछ दिनों तक प्रभार अपने पास रखने को कहा है.
पद पर बने रहने का क्या है कारण
आजाद हिंद मोरचा के स्थानीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, किसान नीरज कुमर, रकेश रौशन झा आदि ने कहा कि विभाग में वित्तीय खामियां होंगी, जिस कारण पहले के कृषि पदाधिकारी अब तक पद पर बने हुए हैं. इन लोगों ने कहा कि पिछले दिनों गरमा महोत्सव में भी किसानों के ठंडा और नास्ते का पैसे का गबन करने मामला भी सामने आया था. ऐसे मामले में तुरंत कृषि विभाग के वरीय पदाधिकाररियों को हस्तक्षेप कर तुरंत नये कृषि पदाधिकारी को प्रभार देना चाहिए.
जायें, किन्हें अपना आवेदन सौंपे यह उनके समझ में नहीं आ रहा. दोनों ही पदाधिकारी कृषि कार्यालय में अपनी सेवा दे रहे हैं.
जहां एक तरफ निदेशक के आदेशानुसार नवगछिया प्रखंड में 22 अप्रैल को नये कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार ने नवगछिया कृषि कार्यालय में योगदान दिया. लेकिन, उन्हें अभी तक कृषि पदाधिकारी का कार्यभार नहीं मिल पाया है. वहीं दूसरी तरफ पुराने कृषि पदाधिकारी राजेंद्र रजक अपने पद पर जमे हुए हैं.
नये कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि उन्होंने 22 अप्रैल को ही स्थायी कृषि पदाधिकारी के रूप में योगदान दे दिया है. उन्हें उसी समय प्रभार दे दिया गया था. पुराने कृषि पदाधिकारी ने कुछ वित्तीय मामले निबटाने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा था. श्री कुमार ने कहा कि सिर्फ वित्तीय प्रभार को छोड. कर उनके पास ही सारे काम का जिम्मा है. वहीं अभी भी पद पर जमे कृषि पदाधिकारी राजेंद्र रजक ने कहा कि नये कृषि पदाधिकारी प्रभार लेना ही नहीं चाह रहे हैं. उन्होंने ही मुझे कुछ दिनों तक प्रभार अपने पास रखने को कहा है.
पद पर बने रहने का क्या है कारण
आजाद हिंद मोरचा के स्थानीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, किसान नीरज कुमर, रकेश रौशन झा आदि ने कहा कि विभाग में वित्तीय खामियां होंगी, जिस कारण पहले के कृषि पदाधिकारी अब तक पद पर बने हुए हैं. इन लोगों ने कहा कि पिछले दिनों गरमा महोत्सव में भी किसानों के ठंडा और नास्ते का पैसे का गबन करने मामला भी सामने आया था. ऐसे मामले में तुरंत कृषि विभाग के वरीय पदाधिकाररियों को हस्तक्षेप कर तुरंत नये कृषि पदाधिकारी को प्रभार देना चाहिए.