आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने गुरुवार को
कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले किए। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की
अध्यक्षता में हुई बैठक में बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा मौजूदा 26 से
बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने तथा पेंशन क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 प्रतिशत
करने का फैसला किया। बीमा क्षेत्र में एफडीआई को संसद की मंजूरी मिलने पर
पेंशन क्षेत्र में भी एफडीआई सीमा इसके बराबर हो
जाएगी।
कैबिनेट
के फैसलों की जानकारी देते हुए वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि फॉरवर्ड
कांट्रेक्ट रेग्युलेशन एक्ट संशोधन विधेयक को भी मंजूरी दे दी गई है। इससे
वादा कारोबार आयोग को अधिक शक्तियां मिलेंगी, जिससे किसानों को भी फायदा
होगा। इसके साथ ही सरकार ने कंपनी विधेयक में भी आधिकारिक संशोधनों को
मंजूरी दे दी है। चिदंबरम ने उम्मीद जताई कि ये विधेयक संसद के शीतकालीन
सत्र में पारित हो जाएंगे।
कैबिनेट ने 20वां विधि आयोग गठित करने की भी मंजूरी दी। इसके साथ ही सरकार
ने सबसे महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए 12वीं पंचवर्षीय योजना के मसौदे को
अंतिम रूप दे दिया। यह अब राष्ट्रीय विकास परिषद के पास जाएगा। गुजरात और
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते इस साल के आखिर तक इसे एनडीसी
की मंजूरी मिलने के आसार हैं। कैबिनेट ने रोजगार कार्यालयों से संबंधित
कानून में भी संशोधन को हरी झंडी दी है इसके बाद 10 से 24 लोगों को रोजगार
देने वाली कंपनियों को भी अपनी नियुक्तियों की जानकारी देनी होगी। सरकार
ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग कानून में भी संशोधन के प्रस्ताव को हरी झंडी
दे दी।
जाएगी।