जरा सोचिए कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो फिर समाज का क्या होगा?
इसी तरह की एक घटना बिहार के खगडि़या जिले में सामने आई है। यहां एक युवती
के आरोप ने खाकी को कलंकित कर दिया है। मारड़ गांव की रहने वाली एक युवती
ने खगड़िया जिले के मोरकाही थाना के थाना प्रभारी पर बलात्कार का आरोप
लगाया है। आरोप लगने के बाद थाना प्रभारी को थाने से हटाकर पुलिस लाइन अटैच
कर दिया गया है और जांच का जिम्मा पुलिस उपाधीक्षक को सौंपा गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मारड़ गांव की रहने वाली एक युवती ने पुलिस
अधीक्षक को आवेदन दिया है, जिसके अनुसार 13 सितंबर को गांव के ही राजा
कुमार सहित तीन युवकों ने उसका अपहरण कर लिया था और उसे महेशखूंट थाना के
मदारपुर में रखा था। युवती के परिजनों द्वारा अपहरण की सूचना थाने में देने
के बाद महेशखूंट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो दिनों के अंदर राजा और
युवती को हिरासत में लिया और दोनों को मोरकाही थाना को सौंप दिया था।
युवती का आरोप है कि मोरकाही थाने में रखे जाने के दौरान थाना प्रभारी
सत्येन्द्र कुमार ने थाना परिसर में ही उसके साथ दुष्कर्म किया। उस समय वह
भय से कुछ नहीं बोल पाई। इधर, जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी मिली तो
मंगलवार को लोगों ने मोरकाही थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग को लेकर
थाने का घोराव किया तथा सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। खगड़िया के पुलिस
अधीक्षक दीपक वर्णवाल ने बुधवार को बताया कि इस पूरे मामले की जांच का
जिम्मा पुलिस उपाधीक्षक राजीव रंजन को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी
थाना प्रभारी की ड्यूटी पुलिस लाइन में लगा दी गई है।
