दिल्ली में चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल की छात्रा से गैंगरेप करने
वाले 5 आरोपियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. इन पांचों ने आपस में और
अन्य कैदियों से बातचीत बंद कर दी है. ऐसे में पुलिस को उनके आत्महत्या
करने की आंशका नजर आ रही है.
पांच आरोपी अभी तिहाड़ केंद्रीय कारागार में बंद हैं और एक किशोर आरोपी को बाल सुधार गृह में रखा गया है.
तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने बताया कि जेल में पांचों आरोपियों ने आपस में और अन्य कैदियों से बोलना बंद कर दिया है. वे केवल बैठे सोचते रहते हैं. अधिकारी ने बताया 'आत्महत्या निगरानी' एक प्रकार की सावधानी है जिसके तहत यह ध्यान रखा जाता है कि आरोपी कहीं खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें. एक वरिष्ठ अधिकारी को उन पर निगाह रखने के लिए कहा गया है.
जेल के एक कर्मचारी ने अपना नाम जाहिर नहीं होने देने की शर्त पर बताया, 'आत्महत्या या अन्य अप्रत्याशित घटना का प्रयास करने से उन्हें रोकने के लिए हमलोग सभी पर लगातार निगाह रख रहे हैं.' कर्मचारी ने बताया कि पांचों आरोपियों को अन्य कैदियों से कोई खतरा नहीं है. वे सुरक्षित हैं और जेल के भीतर उन्हें कोई खतरा नहीं है.
वारदात वाली बस का चालक और मामले के मुख्य आरोपी 33 वर्षीय राम सिंह को जेल नंबर 3 के एक सेल में रखा गया है. तिहार जेल परिसर में कई जेल हैं और नंबर से जाने जाते हैं. मामले के अन्य आरोपी 19 वर्षीय पवन और 29 वर्षीय अक्षय को जेल नंबर 4 में, 20 वर्षीय विनय और 26 वर्षीय मुकेश को जेल नंबर 7 में रखा गया है. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी को पांचों पर निगाह रखने की जिम्मेदारी दी गई है. जेल के अन्य वार्डन को भी सावधान किया गया है.
पांच आरोपी अभी तिहाड़ केंद्रीय कारागार में बंद हैं और एक किशोर आरोपी को बाल सुधार गृह में रखा गया है.
तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने बताया कि जेल में पांचों आरोपियों ने आपस में और अन्य कैदियों से बोलना बंद कर दिया है. वे केवल बैठे सोचते रहते हैं. अधिकारी ने बताया 'आत्महत्या निगरानी' एक प्रकार की सावधानी है जिसके तहत यह ध्यान रखा जाता है कि आरोपी कहीं खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें. एक वरिष्ठ अधिकारी को उन पर निगाह रखने के लिए कहा गया है.
जेल के एक कर्मचारी ने अपना नाम जाहिर नहीं होने देने की शर्त पर बताया, 'आत्महत्या या अन्य अप्रत्याशित घटना का प्रयास करने से उन्हें रोकने के लिए हमलोग सभी पर लगातार निगाह रख रहे हैं.' कर्मचारी ने बताया कि पांचों आरोपियों को अन्य कैदियों से कोई खतरा नहीं है. वे सुरक्षित हैं और जेल के भीतर उन्हें कोई खतरा नहीं है.
वारदात वाली बस का चालक और मामले के मुख्य आरोपी 33 वर्षीय राम सिंह को जेल नंबर 3 के एक सेल में रखा गया है. तिहार जेल परिसर में कई जेल हैं और नंबर से जाने जाते हैं. मामले के अन्य आरोपी 19 वर्षीय पवन और 29 वर्षीय अक्षय को जेल नंबर 4 में, 20 वर्षीय विनय और 26 वर्षीय मुकेश को जेल नंबर 7 में रखा गया है. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी को पांचों पर निगाह रखने की जिम्मेदारी दी गई है. जेल के अन्य वार्डन को भी सावधान किया गया है.