हर सोमवार को नेशनल हाइवे पर होती है 10 हजार से अधिक की वसूली

नेशनल हाइवे पर मवेशी वाहनों से वसूली को कई थानों की जीप करती है पीछा

नवगछिया पुलिस जिला के भवानीपुर ओपी में पदस्थापित जूनियर दारोगा रामेश्वर प्रसाद ने अपने प्रभारी  मिथलेश कुमार सिन्हा पर पीटने का आरोप लगाया है। पीडि़त दोरागा ने प्रभारी पर जाति सूचक गाली देने का भी आरोप लगाया है। रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि प्रभारी ने उसे वसूली करने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में उसने इंकार कर दिया।
 इसी से नाराज होकर प्रभारी मिथिलेश सिन्हा ने उसकी पिटाई कर दी। पीडि़त दारोगा ने सोमवार को उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत की है। मामले में जांच का आदेश भी दे दिया गया है।
क्या है मामला
सोनहन (कैमुर) थाना क्षेत्र के पंचगावा निवासी व पीडि़त दारोगा रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को मानसी (खगडिय़ा) में बड़ा मवेशी हाट लगता है। हाट तक पहुंचने के लिए मवेशियों से लदे सैकड़ों ट्रक नारायणपुर से होकर गुजरती है। पेट्रोल पंप के समीप मवेशी व्यापारियों से वसूली करवाया जाता है। पिछले सोमवार को वे 9 हजार रुपए वसूल कर थानेदार को दिया था। जिसमें से उसके हिस्से में मात्र 5 सौ रुपए आए। इससे नाराज रामेश्वर प्रसाद ने रविवार को वसूली पर जाने से मना कर दिया था। मुंशी ने इसकी शिकायत थानेदार से कर दी। रात में पुलिस बैरक (हॉल) में खाना बनाने के दौरान थानेदार ने मुंशी व सिपाही प्रेम सिंह के साथ मिलकर दारोगा रामेश्वर प्रसाद को  पीट दिया। पिटाई के दौरान थानेदार ने दारोगा को जातिसूचक अपशब्द कहे। शर्ट फाड़ दी। लात-घूंसों से पीटा। जेब में रखे 3500 रुपये निकाल लिए। सोमवार की सुबह घायल दारोगा ने नवगछिया के प्रभारी एसपी सह एसडीपीओ रामाशंकर राय से मिलकर उन्हें मामले की जानकारी दी। एसडीपीओ ने भवानीपुर थाने जाकर मामले की पड़ताल की। जांच में मारपीट की बात सच निकली। एसडीपीओ ने बताया, थानेदार पर कार्रवाई की अनुशंसा एसपी से की जा रही है। फिलहाल, एसपी छुट्टी पर हैं। लिहाजा थानेदार पर कार्रवाई नहीं हो सकी है।

आइजी कार्यालय पहुंचे दरोगा का आरोप है कि पिछले दो सोमवार को उसने थानेदार के आदेश पर रात्रि गश्ती की। लेकिन अवैध कमाई ने उसे डरा दिया। उसे लगा कि उसकी नौकरी फंस जाएगी। दरोगा का आरोप है कि सिपाही प्रेम सिंह एवं मुंशी शत्रुघ्न सिंह को भवानीपुर थाने का डमी थानेदार माना जाता है। पीड़ित दरोगा का कहना है कि उसे दलित कहकर मेस में नहीं खिलाया जाता है। ऐसे में वह अकेले खाना बनाता या फिर होटल में खाना खाता है। पीड़ित दरोगा मूल रूप से भभुआ का रहने वाला है। पूर्व में वह नाथनगर थाने में एएसआई था। दो साल पहले दरोगा में प्रोन्नत होकर वह नवगछिया भेजा गया जहां उसकी तैनाती भवानीपुर थाने में की गई। एक साल से अधिक समय से वह भवानीपुर थाने में तैनात है। दरोगा ने बताया कि थानेदार सिर्फ हाजिरी बनाने थाने आते हैं। शेष समय वो भागलपुर में ही रहते हैं।

खास बातें - - हर सोमवार को नेशनल हाइवे पर होती है 10 हजार से अधिक की वसूली
- नेशनल हाइवे पर मवेशी वाहनों से वसूली को कई थानों की जीप करती है पीछा
- छोटे वाहनों से 50 रुपये एवं बड़ी गाड़ी से 500 रुपये की वसूली
- दरोगा ने जान पर बताया खतरा
- पीटते दरोगा की सिपाही नंदा पासवान ने बचाई जान
- पिटाई के बाद सीने में दर्द एवं खांसने पर खून निकलने की दरोगा ने की शिकायत
- अवैध वसूली में अफसर को 500 रुपये, गार्ड को 1 हजार एवं चालक को 500 रुपये की मिलती है हिस्सेदारी
- छह माह से भवानीपुर में थानेदार हैं मिथिलेश कुमार सिन्हा
- डीआइजी ने परबत्ता थानेदार रहते किया था निलंबित
- एसपी की अनुशंसा पर डीआइजी ने किया था निलंबनमुक्त
- बंद मिला भवानीपुर थानेदार का सरकारी मोबाइल