बिहार विधानमंडल के 29 दिनों तक चलने वाले बजट सत्र की शुरुआत सोमवार से राज्यपाल देवानंद कुंवर के संयुक्त संबोधन के साथ होगी.
इसमें 19 फरवरी को राज्य का वित्तीय वर्ष 2013-14 का बजट पेश किया जाएगा.

आगामी 18 फरवरी से 3 अप्रैल तक चलने वाले दोनों सदनों के इस बजट सत्र के हंगामेदार रहने की आशंका है. विपक्ष द्वारा राज्य में कानून व्यवस्था की समस्या, किसानों के मुद्दे, बिजली की किल्लत, भारतीय प्रेस परिषद के तथ्यान्वेषण दल में नीतीश सरकार के खिलाफ की गयी प्रतिकूल टिप्पणी के मद्देनजर हंगामे की आशंका है.     
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी 19 फरवरी को राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण और बजट 22 फरवरी को सदन के पटल पर पेश करेंगे. इसी सत्र में 2012-13 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी भी प्रस्तुत होगी. सत्र की शुरुआत 18 फरवरी को राज्यपाल देवानंद कुंवर के संयुक्त संबोधन से होगी.
बजट सत्र के दौरान विधानमंडल की कुल 29 बैठकें होंगी.
प्रमुख विपक्षी दल राजद के मुख्य सचेतक सम्राट चौधरी ने कहा कि कानून व्यवस्था की समस्या, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा विभाग की चरमरायी व्यवस्था, किसानों को डीजल सब्सिडी प्रदान करने में व्यापक धांधली को प्रमुखता से उठाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि भारतीय प्रेस परिषद ने अपनी जांच रिपोर्ट में बिहार में प्रेस की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर नीतीश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है.
विपक्ष द्वारा एक शराब व्यवसायी से पूर्व डीआईजी आलोक कुमार द्वारा कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और उनके निलंबन, शेखपुरा में पूर्व पुलिस अधीक्षक बाबूराम द्वारा एक युवक को अमानवीय प्रताड़ना का मामला भी उठने की संभावना है.