नवगछिया कुर्सेला के बीच रविवार की सुबह हाटे बाजारे एक्सप्रेस ट्रेन और कुर्सेला रेल पुल दोनों बाल बाल बच गए। अगर समय रहते कुर्सेला रेल पुल की पटरी पर बांधा बम नहीं हटाया जाता तो कितना बड़ा हादसा होता इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता। पूरी की पूरी ट्रेन कोसी नदी में समा जाती, साथ ही कुर्सेला पुल भी क्षतिग्रस्त होने से कटिहार बरौनी रेल खंड में रेल यातायात भी बाधित हो जाता।
जानकारी के अनुसार रेल पुल निरीक्षक ने जैसे ही कुर्सेला पुल की पटरी पर बम जैसी वास्तु को बंधा देखा तो तत्काल इसकी सूचना कुर्सेला स्टेशन मास्टर महादेव मंडल को दी। जिसने सभी वरीय रेल अधिकारियों को इसकी सूचना डी दी। इसके साथ ही इस समय आने वाली ट्रेन १३१६३ अप हाटे बाजारे एक्सप्रेस को कुर्सेला स्टेशन पर नियंत्रित कर लिया गया।
इधर बम जैसी संदिग्ध वास्तु की जांच हेतु जीआरपी एवं आरपीएफ के अधिकारी और रेल के कई अधिकरी कुर्सेला के लिए रवाना होने की खबर है। वहीँ कुर्सेला स्टेशन मास्टर महादेव मंडल के अनुसार बम जैसे संदिग्ध सामान को हिम्मत के साथ हटा लिया गया है । इसके साथ ही नियंत्रित की गयी ट्रेन का परिचालन प्रारम्भ कर दिया गया है।
बताते चलें कि रेल का यह क्षेत्र पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल अंतर्गत आता है। जिसका कटिहार बरौनी रेल खंड एक काफी महत्वपूर्ण और प्रमुख रेल मार्ग है। जिससे बंगाल, आसाम और नेपाल जाने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों का आवागमन होता है। इस मार्ग में कुर्सेला रेल पुल काफी पुराना और महत्वपूर्ण है। इसके क्षतिग्रस्त होने से रेल सहित आम लोगों को भी बड़ा नुकसान होगा। इसकी सुरक्षा और संरक्षा तथा निगरानी के लिए रेल को कारगर व्यवस्था अवश्य करनी चाहिए। नहीं तो कभी भी बड़ा रेल हादसा संभव है। जैसा कि कई वर्षों पहले इसी रेल मंडल के अंतर्गत मानसी और सहरसा स्टेशन के बीच धमारा पुल पर हुआ था। जहां पूरी ट्रेन कोसी नदी में समा गयी थी।