राजेश कानोडिया, नवगछिया : अनुमंडलीय अस्पताल में एक साल पहले शुरू हुई ब्लड बैंक की कवायद आज तक पूरी नहीं हो सकी है। नतीजतन, पूरे अनुमंडल के लोगों को समय पड़ने पर इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है जबकि इसके लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में ब्लड बैंक कक्ष भी बनाया गया है। लेकिन वहां उपकरण के नाम पर महज एक फ्रीज के सिवाय कुछ भी नहीं है। वह भी सालभर से अनुपयोगी है। ब्लड बैंक की व्यवस्था के लिए यहां न तो लैब तकनीशियन हैं और न ही ब्लड बैंक तकनीशियन। पेथोलॉजिस्ट डाक्टर की भी आवश्यकता पूरी नहीं हुई है। क्या है ब्लड बैंक यहां खून को एन्टीकोगलेंट बोतल में रखा जाता है जिससे खून सूखने या जमने का खतरा नहीं रहता है। इन बोतलों को फ्रीज में रखा जाता है, जिन्हें समय-समय पर उपयोग में लाया जाता है। यहां कई प्रकार के ब्लड ग्रुप होते हैं। सभी को अलग-अलग मैच कराकर उपयोग में लाया जाता है। इसके लिए स्लाइड, कई प्रकार के केमिकल्स तथा अन्य उपकरणों की भी आवश्यकता होती है। ब्लड बैंक का हाल नवगछिया के अनुमंडलीय अस्पताल भवन का तेरह नम्बर कमरा ब्लड बैंक कक्ष है। जहां हमेशा ताला लटका रहता है। कक्ष के अंदर मात्र एक फ्रीज और स्टेप लाइजर है। अलमारियां तक खाली पड़ी हैं। क्या कहते हैं अधिकारी अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक बीपी मंडल कहते हैं कि तकनीशियन के अभाव में ब्लड बैंक अब तक कार्यरत नहीं हो पाया है। साल भर पहले ही पेथोलॉजिस्ट की मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई। तकनीशियन आने के बाद ही अन्य व्यवस्था पूरी कर इसे चालू किया जा सकेगा। इसके लिए नये जगह की तलाश की जा रही है।