मदन अहिल्या महिला महाविद्यालय में भवन बिना बीएड की पढ़ाई संभव नहीं है। यह जानकारी इस कालेज की प्राचार्या निशा राय ने देते हुए बताया कि इस कालेज की कुछ छात्राओं ने यहा बीएड की पढ़ाई प्रारम्भ कराने की मांग विवि के कुलपति से की थी। जिसके सिलसिले में विवि से एक पत्र भी यहाँ आया है। लेकिन इस कालेज में नियमित क्लास के लिए भी समुचित भवन का अभाव है। जिसे लेकर कई कक्षाएं बरामदे पर ली जाती है। इसलिए बीएड की पढ़ाई इस स्थिति में संभव नहीं है। जिसकी सूचना विवि को भेजी जा रही है।
जबकि 23 अक्तूबर को विवि पहुंची छात्राओं ने कुलपति की अनुपस्थिति में इस बाबत प्रति कुलपति डॉ0 एनके सिन्हा से मिलकर अपनी समस्याओं को रखते हुए नवगछिया में बीएड की पढ़ाई प्रारम्भ कराने की गुहार लगायी थी। मौके पर प्रति कुलपति ने छात्राओं को आश्वासन भी दिया था कि इस मामले में जल्द ही कार्रवाई करायी जायेगी। इसके बावजूद नवगछिया में बीएड की पढ़ाई इस स्थिति में संभव प्रतीत नहीं हो रही है। तो आखिर इस क्षेत्र के छात्र कैसे पढ़ेंगे बीएड की पढ़ाई।
वहीं इसी कालेज की छात्र नेता आराधना रानी का कहना है कि इस कालेज में बना महिला छात्रावास का अब तक कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। संभव हो तो उसी में बीएड की पढ़ाई प्रारम्भ करायी जाय। अन्यथा सभी छात्र मैदान में भी बैठ कर बीएड की पढ़ाई पढ़ने को तैयार हैं।
बताते चलें कि तिलकामांझी भागलपुर विवि के कुलपति द्वारा कुछ कालेजों में बीएड की पढ़ाई प्रारम्भ कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके लिए कुलाधिपति राज्यपाल से अनुरोध भी किया गया है। लेकिन उस सूची में गंगा पार नवगछिया के एक भी कालेज का नाम नहीं है। जहां पहले भी यह सुविधा नहीं है। जिसकी मांग मदन अहिल्या महिला महाविद्यालय की छात्राएं लगातार कर रहीं हैं।
